रोज नए बच्चे पहुंच रहे अस्पताल
जिला अस्पताल में 30 बच्चों का इलाज
एक ही दिन में 9 नए बच्चे भर्ती
बालाघाट। बिरसा विकासखंड के बैगा बहुल क्षेत्र में बच्चों के बीच संक्रमण का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। बीते डेढ़ माह से अधिक समय से क्षेत्र में बच्चों के बीमार होने का क्रम जारी है। पूर्व में अज्ञात संक्रमण के चलते करीब तीन दर्जन बच्चों की मौत भी हो चुकी है। वर्तमान में जिला अस्पताल में 30 बच्चों का उपचार किया जा रहा है। वहीं प्रतिदिन कुछ स्वस्थ बच्चों को अस्पताल से छुट्टी दी जा रही है तो दूसरी ओर नए बीमार बच्चों के जिला अस्पताल पहुंचने का सिलसिला भी जारी है।
23 सितंबर की स्थिति में जिला अस्पताल से सात बच्चों को स्वस्थ होने के बाद छुट्टी दी गई। इसके बावजूद अस्पताल में 30 बच्चे उपचाररत हैं। इसी बीच बुधवार शाम बिरसा विकासखंड के ग्राम गठिया और कुंडकसा से छोटे-बड़े कुल नौ बच्चों को उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। इससे एक बार फिर क्षेत्र में बच्चों के लगातार बीमार होने की स्थिति सामने आई है।
डेढ़ माह से बनी हुई है स्थिति
बताया गया है कि बिरसा विकासखंड के बैगा बहुल गांवों में पिछले डेढ़ माह से अधिक समय से बच्चों के बीमार होने की घटनाएं सामने आ रही हैं। शुरुआत में बच्चों में अज्ञात संक्रमण की शिकायतों के बाद कई बच्चों को उपचार के लिए जिला अस्पताल लाया गया था। इस दौरान बच्चों की मौत भी हुई थी। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग की टीमों द्वारा प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी और उपचार की व्यवस्था की जा रही है।
रोज हो रही नए मरीजों की भर्ती
जिला अस्पताल में उपचाररत बच्चों की संख्या में लगातार उतार-चढ़ाव बना हुआ है। स्वस्थ होने वाले बच्चों को प्रतिदिन अस्पताल से छुट्टी दी जा रही है, लेकिन उनके स्थान पर नए बच्चों को उपचार के लिए भर्ती कराया जा रहा है। बुधवार शाम एक साथ नौ नए बच्चों के जिला अस्पताल पहुंचने से यह स्पष्ट है कि प्रभावित क्षेत्र में बच्चों के बीमार पड़ने का सिलसिला अभी पूरी तरह थमा नहीं है।
ग्रामीण क्षेत्रों पर स्वास्थ्य विभाग की नजर
बिरसा विकासखंड के बैगा बहुल और दूरस्थ क्षेत्रों में बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर लगातार निगरानी की आवश्यकता बनी हुई है। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य टीमों की सक्रियता, समय पर जांच और गंभीर लक्षण वाले बच्चों को तत्काल अस्पताल पहुंचाना महत्वपूर्ण है। फिलहाल जिला अस्पताल में भर्ती बच्चों का उपचार जारी है और स्वस्थ होने वाले बच्चों को स्थिति में सुधार के बाद छुट्टी दी जा रही है।










































