शारदेय नवरात्र के पावन पर्व पर एक ओर जहां शहर के विभिन्न स्थानों पर आदिशक्ति मां दुर्गा के प्रतिमाओं की स्थापना कर पूरे भक्ति भाव और विधि विधान से पूजा अर्चना कर विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जा है । वहीं प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के बालाघाट इकाई द्वारा ग्राम गर्रा में मां दुर्गा के पांच स्वरूपों को चैतन्य झांकी के माध्यम से प्रदर्शित किया गया। दुर्गा नवमी की रात्रि में एडीएम शिवगोविंद मरकाम, तहसीलदार नितिन चौधरी ने सपरिवार दीप प्रज्वलित कर झांकी का शुभारम्भ किया ।इस मौके पर बीके माधुरी बहन द्वारा सभी को आध्यात्मिक पुस्तकें एवं प्रसाद भेंट किये गए ।इस वर्ष आयोजित चैतन्य झांकी के कार्यक्रम में बीके पूनम बहन, बीके भारती बहन, बीके पूजा बहन, बीके सोनाली बहन और बीके राखी बहन ने क्रमशः मां दुर्गा, मां लक्ष्मी, मां सरस्वती, मां काली एवं मां गौरी का स्वरूप धारण किया था।
आपको बताए की दुर्गा पंचमी से शुरू हुए इस आयोजन का समापन नवमी को किया गया । ब्रह्माकुमारी संस्था द्वारा कोविड काल को छोड़कर विगत कई वर्षों से चैतन्य झांकी का आयोजन किया जा रहा है । जिसमें ब्रह्माकुमारी बहनें मां दुर्गा के विभिन्न रूपों के स्वरूप में एकाग्रचित होकर बैठती हैं जिसे देखने पर लगता है कि ये कोई जड़ मूर्तियां है
परमपिता शिव सुप्रीम पॉवर है-बीके माधुरी बहन
संस्था संचालिका बीके माधुरी बहन ने संस्था के उद्देश्य तथा चैतन्य झांकी के महत्व को लेकर बताया कि राजयोग एक ऐसी शक्ति है जिसके माध्यम से उस परमपिता शिव जो सुप्रीम पॉवर है, सर्वशक्तिमान है हम सर्व आत्माओं के ईश्वरीय पिता हैं से जुड़कर उनकी शक्तियों को अपने जीवन में ग्रहण कर अपना जीवन उत्तम बना सकते हैं । जिसका जीता जागता उदाहरण यह चैतन्य झांकियां आपके सामने हैं ।










































