जिला मुख्यालय से करीब 5 किलोमीटर दूर एशिया की सबसे बड़ी खदान भरवेली मायल में बीती रात हुए एक हादसे में ,वहां काम कर रहे दो ठेका श्रमिकों की मौत हो गई।शुक्रवार की रात करीब 11 बजे ब्लास्टिंग के लिए, ड्रिलिंग करने के दौरान चट्टान, सर पर गिरने से यह हादसा हुआ। इस हादसे में वार्ड नंबर 24 इंदिरा नगर जुग्गी झोपड़ी निवासी 35 वर्षीय मजहर पिता मोबिन बेग और मूलतः कटंगी के ग्राम भजियादंड ,हाल मुकाम अर्जुन कॉलोनी भरवेली निवासी 35 वर्षीय खिलेश पिता भरत लाल उईके की मौके पर ही मौत हो गई। जिनके परिजनों ने अंतिम संस्कार के लिए अलग राशि देने के साथ-साथ, मृतक के परिजनों को उचित मुआवजा सहित अन्य सुविधाएं दिए जाने की मांग की।जहां तत्काल मुआवजा को लेकर जिला अस्पताल में लंबे समय तक हंगामा मचा। हंगामा को बढ़ता देख पुलिस प्रशासन ने मोर्चा संभालते हुए मायल प्रबंधन, ठेकेदार ,परिजन और जनप्रतिनिधियों के बीच समन्वय बनाया।जहां विधायक अनुभा मुंजारे की हस्तक्षेप के बाद मुआवजा राशि बढाई गई और तत्काल दोनों मृतक के परिजनों को पांच पांच लाख रुपए के मुआवजे का चेक प्रदान किया गया।वहीं अन्य मुआवजा व अन्य सुविधाएं की प्रक्रिया जल्द से जल्द पूरी कराए जाने का आश्वासन दिया गया। तब कहीं जाकर परिजन माने और दोपहर करीब 2 बजे शव का पोस्टमार्टम कराकर अंतिम संस्कार के लिए शव उनके परिजनों के सुपुर्द किया गया।
घटना के बाद मची चीज पुकार
बताया जा रहा है कि शुक्रवार की रात भरवेली भूमिगत खदान के 13-1/2 लेवल नार्थ में रात 11बजे श्री गणेश और ऐ. के. इंटरप्राइजेज ठेकेदार के ये दोनों मजदूर 13 लेवल खदान में उतरकर ड्रिलिंग का कार्य कर रहे थे।बताया जा रहा है कि ठेकेदार के आदेश पर दोनों मजदूर अन्य साथियों के साथ गहरी खदान में उतरे थे। यह दोनों मजदूर एक साथ में ड्रिलिंग कर चट्टानों को ढीला कर रहे थे। ताकि उस चट्टान में बारूदी विस्फोट किया जा सके। इसी दौरान अचानक चट्टान के टुकड़े खिसककर उनके ऊपर आ गिरे।जिसमें दबने से दोनों मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई।उधर मायल खदान में देर रात हुए इस हादसे के बाद ,वह चीज पुकार मच गई। स्थानीय मजदूरों और ठेकेदार के कर्मचारियों ने दोनों मृतक श्रमिको को खदान से निकालकर जिला अस्पताल लाया। जहां रात्रि अधिक होने के चलते मृतक के शवो का पोस्टमार्टम नहीं हो सका। जिसके चलते शनिवार की सुबह दोनों मृतक कर्मचारियों के शव का पोस्टमार्टम कराकर अंतिम संस्कार के लिए शव उनके परिजनों के सुपुर्द किया गया है।
परिजनों ने कि मुआवजे की मांग
उधर खदान के भीतर हुए इस हादसे में मजदूरों की कार्य के दौरान मौके होने पर दोनों मृतक मजदूरों के परिजनों ने उचित मुआवजा दिए जाने की मांग की है। बताया जा रहा है कि वार्ड नंबर 24 निवासी मृतक ठेका श्रमिक मजहर के तीन बच्चे हैं जिसमें से एक 7 साल, दूसरा चार वर्ष, तो वहीं तीसरे की उम्र महज 6 माह है। जबकि दूसरे मृतक मजदूर खिलेश उइके का एक 12 वर्षीय पुत्र, तो दूसरी 8 वर्ष पुत्री है। जानकारी के अनुसार दोनों मृतक मजदूर के परिवार में कोई भी कमाने वाला नहीं है। जिसके चलते मृतक मजदूरो के परिजनो ने उचित मुआवजा के साथ साथ अंतिम संस्कार के लिए तत्काल मदद करने वही मायल से मिलने वाली तमाम तरह की सुविधा और उचित मुआवजा दिए जाने की मांग की हैं
शव को अस्पताल लाने में 5,तो मुआवजा देने में मायल को लग गए 6 घण्टे
जिले के सबसे बड़े मॉयल खदान में निजी ठेकेदारों के अधीन काम कर रहे दो मजदूरों खिलेश उईके और मो. मजहर बेग की मौत मामले में मॉयल प्रबंधन को मुआवजा राशि देने 06 घंटे लग गए। पहले एक लाख, फिर तीन लाख और विधायक के हस्तक्षेप के बाद मॉयल प्रबंधन ने पांच लाख रूपए का मुआवजा देने की हामी भरी। जिसके बाद मृतकों के पीएम की कार्यवाही शुरू की गई।बताया जा रहा है की दो युवा मजदूरों की साढ़े 13 फीट नीचे भूमिगत खदान में ड्रिलिंग के दौरान मलबा धसने से हुई मौत के बावजूद मॉयल प्रबंधन को महज 05 किमी दूर पर स्थित जिला अस्पताल पहुंचने, 5 घंटे का समय लग गया।
मायल व ठेकेदार की लापरवाही से गई है मजदूरों की जान- रविशंकर
मामले को लेकर की गई चर्चा के दौरान ठेका श्रमिक संगठन अध्यक्ष रवि शिववंशी ने बताया कि भरवेली मॉयल में कई निजी ठेकेदार भूमिगत खदान का काम कर रहे है। लेकिन कुशल श्रमिकों के स्थान पर, ठेकेदार अकुशल श्रमिकों को भूमिगत खदान में उतारकर उत्पादन को बढ़ाने काम करवा रहे है। जिनके पास सुरक्षा के कोई संसाधन मौजूद नहीं हैं। 10 अगस्त की रात हुई घटना कोई हादसा नहीं बल्कि मॉयल प्रबंधन और निजी ठेकेदारो की लापरवाही से श्रमिकों का मौत का मामला है। जिस पर मॉयल प्रबंधन और ठेकेदार पर कार्यवाही होना चाहिए।
सुरक्षा के नहीं है इंतजाम तो बंद कर देंना चाहिए- अनुभा
वही मामले को लेकर की गई चर्चा के दौरान विधायक अनुभा मुंजारे ने घटना पर दुःख जाहिर करते हुए बताया कि यदि मॉयल की भूमिगत खदान में सुरक्षा के इंतजाम नहीं है तो मॉयल को इसे बंद कर देना चाहिए। भविष्य में ऐसी घटना ना हो, इसका मॉयल प्रबंधन ध्यान रखें। अन्यथा उन्हें विरोध का सामना करना पड़ेगा।विधायक अनुभा मुंजारे ने मानवता के नाते मॉयल प्रबंधन के जिम्मेदारो को अस्पताल में बुलाकर मृतकों के परिवार को पांच लाख रूपए मुआवजा दिए जाने की बात कही। जिस पर मॉयल प्रबंधन ने आश्वस्त किया कि तत्काल में परिजनों को 03 लाख रूपए की राशि प्रदान की जा रही है और आगामी एक सप्ताह में शेष 02 लाख रूपए की राशि के साथ ही परिवार को कंपलसेशन, बीमा की राशि के साथ ही मृतकों के आश्रित बच्चों और पत्नी को पेंशन प्रदान की जाएगी।
करीब 15 लाख का मुआवजा औऱ 4 हजार रु प्रति माह पेंशन मिलेगी- मोहारे
वही मामले को लेकर की गई चर्चा के दौरान भारतीय मजदूर संघ विभाग प्रमुख राजकुमार मोहारे ने बताया कि 9 अगस्त की देर रात मायल अंडरग्राउंड में ड्रिलिंग का काम करते समय दो मजदूरों की मौत हो गई है। ड्रिलिंग का कार्य नया रास्ता बनाने के लिए किया जा रहा था। परिजन मुआवजे की मांग को लेकर अड़े थे। परिजनों को मुआवजा और पेंशन मिलनी चाहिए। इसको लेकर यहां माहौल बना हुआ था। हमने मायल अधिकारियों से चर्चा की है।बताया गया कि दोनों मृतक के परिजनों को करीब 15-15 लख रुपए का मुआवजा मिलेगा।वही 4 हजार रु प्रति माह की पेंशन दी जाएगी। हमें यह लापरवाही नहीं बल्कि एक हादसा लग रहा है।
अभी 5-5 लाख दिए है, शेष राशि व सुविधाए जल्द दी जाएगी- सिंह
मॉयल की ओर से पक्ष रखते हुए संयुक्त प्रबंधक आर.के.सिंह ने बताया कि विधायक जी के कहे अनुसार मॉयल द्वारा मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रूपए की राशि दी जा रही है।शेष नियमानुसार राशि प्रक्रिया के तहत प्रदान की जाएगी।
दोनों पक्षों के बीच बनाई गई है सहमति- मिश्रा
वहीं पूरे मामले को लेकर की गई चर्चा के दौरान नगर पुलिस अधीक्षक अंजुल अयंक मिश्रा ने बताया कि घटना में मृतकों के परिजन मॉयल प्रबंधन से मुआवजा राशि की मांग पर अड़े थे। जिस पर जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में मॉयल प्रबंधन और मृतकों के परिवार के बीच सहमति के बाद मृतकों के पीएम की कार्यवाही की जा रही है।










































