भाजपा ने गुरुवार को राजस्थान के लिए चुनाव अभियान और घोषणा-पत्र समिति का एलान कर दिया है। चौंकाने वाली बात यह रही कि इस लिस्ट में पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे का नाम शामिल नहीं है।
इसके बाद से वसुंधरा राजे के सियासी भविष्य को लेकर अटकलों का दौर शुरू हो गया है। कहा जा रहा है कि पार्टी इस बार के राजस्थान विधानसभा चुनाव 2023 में किसी नए चेहरे पर दांव खेल सकती है। दूसरी संभावना ऐसी भी है कि सीएम उम्मीदवार की घोषणा किए बगैर नरेंद्र मोदी के नाम पर चुनाव लड़ा जाए।
केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल को बड़ी जिम्मेदारी
भाजपा ने केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल को घोषणा पत्र समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया है। मेघवाल राजस्थान से सांसद हैं और अनुभवी नेता हैं। इस समिति में राज्यसभा सांसद किरोड़ी लाल मीणा, घनश्याम तिवाड़ी सह संयोजक होंगे। किरोड़ी और तिवारी दोनों राज्यसभा सांसद हैं।
…तो क्या होगी वसुंधरा राजे की भूमिका
भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह ने कहा, “वसुंधरा राजे एक वरिष्ठ नेता हैं और पार्टी के लिए प्रचार करेंगी।” वसुंधरा राजे पांच बार विधायक और दो बार राजस्थान की सीएम रह चुकी हैं।
कौन हैं अर्जुन राम मेघवाल
- राजनीति में आने से पहले मेघवाल राजस्थान कैडर के आईएएस अधिकारी थे।
- वर्तमान में राजस्थान में दलित समुदाय से आने वाले बड़े नेता हैं।
- मेघवाल पहली बार 2009 में राजस्थान की बीकानेर सीट से सांसद चुने गए थे।
- 2013 में सर्वश्रेष्ठ सांसद पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
- 2009, 2014 और 2019 के आम चुनावों में लगातार तीन बार जीत हासिल की है।










































