भौरगढ सरपंच के खिलाफ ग्रामीणों ने की अनिश्चितकालीन हड़ताल

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पद्मेश न्यूज। वारासिवनी/खैरलांजी। खैरलांजी जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत भौरगढ़ के सरपंच देवेन्द्र बारेवार के खिलाफ वहाँ के ग्रामीणों ने ग्राम हित में कार्य नही करने का आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। ग्रामीणों ने तीन सूत्रीय मांगों को लेकर बाजार चौक में स्थित सभा मंच के सामने १९ फरवरी से अनिश्चितकालीन कालीन हड़ताल पर बैठ गए है। फि लहाल विगत तीन दिनों से किसी भी जनप्रतिनिधि या अधिकारी के द्वारा हड़ताल स्थल पर आकर मुलाकात नही की गई है। जिससे ग्रामीण आक्रोशित है और भविष्य में मांगे पूरी नही होने पर भूख हड़ताल करने की बात कर रहे है।

यह है मामला

शिकायत कर्ता ग्रामीण सुरेंद्र बड़ीचारर्या, विक्रांत भंडारकर, थानेद्र बारेवार, सुशील उके, चन्द्रप्रकाश डोहरे, तारेंद बारेवार, नितेश मुड़े,संजय राउत सहित अन्य लोगों का आरोप है कि सरपंच देवेन्द्र बारेवार के द्वारा सामुदायिक भवन निर्माण हेतु प्रस्तावित भूमि खसरा क्रमांक २५२/१,२५२/२ मनोरंजन भवन के पास प्रयाप्त भूमि होने के बावजूद भी वह उसे बाढग़्रस्त क्षेत्र में निर्माण करवाना चाहते है जो कि न्यायसंगत नहीं है और उनका यह कार्य जनहित में नहीं है। हम सभी हड़ताल कर रहे लोगों के अलावा अन्य ग्रामवासियों ने कई बार सरपंच को मीटिंग के माध्यम से समझाने की कोशिश की है। लेकिन सरपंच ने हमेशा बातों को टाल दिया। वह हमेशा कहते है कि कांजीहाउस एवं मनोरंजन भवन की शासकीय भूमि खसरा क्रमांक २५२/२ पर स्टे लगा हुआ है कहकर गुमराह करने का कार्य करते हुए सामुदायिक भवन का निर्माण नही कर रहे है। यह कि शासन प्रशासन के द्वारा प्रस्तावित भूमि पर स्थगन आदेश जारी करके ग्राम वासियों को गुमराह में रखना एवं जनहित के कार्य को बाधित करके रखना न्यायसंगत नहीं है। इस संबंध में शिकायत सीईओ खैरलांजी, जिला सीईओ बालाघाट, कलेक्टर बालाघाट, एसडीएम वारासिवनी को भी की गई है। लेकिन अब तक किसी प्रकार की कार्यवाही नही होने से सरपंच और उनके संबंधित सहयोगियों के हौसले बुलंद है और उनका मनोबल बढ़ रहा है।
ग्रामीणों की यह है मुख्य तीन मांगे
ग्रामीणों की मांग है कि प्रस्तावित भूमि खसरा क्रमांक २५२/२ से अतिक्रमण हटाया जाए, ग्राम पंचायत के द्वारा प्रस्तावित भूमि खसरा क्रमांक २५२/१,२५२/२ के अंश भाग में सामुदायिक भवन एवं शौचालय का निर्माण किया जाए, शासकीय आबादी भूमि खसरा क्रमांक २५२ पर स्थगन आदेश करने वाले संबंधित अधिकारी के विरुद्ध जांच कर निलंबित किया जाए। सभी का कहना है कि यदि आंदोलन के दौरान किसी प्रकार की कोई अप्रिय स्थिति निर्मित होती है तो उसके लिए सरपंच देवेन्द्र बारेवार प्रस्तावित भूमि के अतिक्रमणकारी सरपंच के सहयोगी एवं संबंधित शासन प्रशासन जिम्मेदार रहेंगे।

हम जनता के सहयोग में है स्टे हटने का इंतजार है- देवेन्द्र बारेवार

इस संबंध में सरपंच देवेन्द्र कुमार बारेवार ने बताया कि वह हमेशा जनता के सहयोग में है। अतिक्रमण वाली भूमि पर स्टे मिला है ऐसा मालूम हुआ है। जैसे ही स्टे हटता है हम उक्त भूमि सहित अन्य भूमि जहाँ सामुदायिक भवन प्रस्तावित है उस पर उचित ले आउट लेकर कार्य प्रारंभ कर देंगे।

इनका कहना है

मामला संज्ञान में है दोनों पक्षों के अपने अपने तर्क है। उच्चाधिकारियों के भी संज्ञान में यह मामला है। जैसे वरिष्ट अधिकारियों के आदेश होंगे उस आधार पर कार्यवाही की जाएगी।

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