भ्रारतीय रिजर्व बैंक ने ब्याज दर 0.5 प्रतिशत बढ़ाई

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भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने शुक्रवार को खुदरा महंगाई पर लगाम लगाने के ‎लिए नीतिगत दर रेपो को 0.5 प्रतिशत बढ़ाकर 5.4 प्रतिशत कर दिया। इससे कर्ज की मासिक किस्त बढ़ेगी। साथ ही मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) ने नरम नीतिगत रुख को वापस लेने पर ध्यान देने का भी निर्णय किया है। मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की तीन दिन की बैठक में ‎किए गए निर्णय की जानकारी देते हुए आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा ‎कि एमपीसी ने आम सहमति से रेपो दर 0.5 प्रतिशत बढ़ाकर 5.4 प्रतिशत करने का निर्णय किया है। पिछले कुछ दिनों में आरबीआई ने ब्याज दरों में तीसरी बार वृद्धि की है। आरबीआई ने अनुमान जताया है कि अच्छे मॉनसून की वजह से अर्थव्यवस्था में सुधार संभव है। इसके साथ ही भारतीय रिजर्व बैंक ने कहा है कि खुदरा महंगाई अभी भी जरूरत से ज्यादा है और इस पर लगाम लगाने की जरूरत है। भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा ब्याज दरों में 0.50 फ़ीसदी की बढ़ोतरी करने से आपके लिए ऑटो, होम, पर्सनल लोन लेना महंगा हो जाएगा। आरबीआई ने एसडीएफ में भी 50 बेसिस प्वाइंट का इजाफा किया है और अब यह 5.15 फ़ीसदी हो गई है। बैंक ने एमडीएफ़ रेट बढ़ाकर 5.65 फीसदी कर दिया है।
बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास के रेपो रेट में वृद्धि करने के बाद शेयर बाजार में बैंकिंग शेयरों में तेजी दर्ज की गई है। भारतीय रिजर्व बैंक ने वित्त वर्ष 2023 में जीडीपी ग्रोथ का अनुमान 7.2 फ़ीसदी रखा है। बैंक की मौद्रिक नीति की द्विमाही बैठक 3 से 5 अगस्त तक चल रही थी। अर्थव्यवस्था के ‎विशेषज्ञ और अर्थशास्त्री ब्याज दरों में वृद्धि की तीव्रता पर अलग-अलग अनुमान लगा रहे थे। उनका मानना था कि रेपो रेट में वृद्धि 25 से 50 बेसिस पॉइंट के बीच हो सकती है। देश में महंगाई पर काबू पाने के लिए पूंजी बाजार से तरलता खींचने की कवायद के तहत भारतीय रिजर्व बैंक पॉलिसी रेट्स में वृद्धि कर रहा है।

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