खाद्य, नागरिक आपूर्ति मंत्री बिसाहूलाल सिंह के विवादास्पद बयान का मामला तूल पकड़ गया है। मंत्री के माफी मांगने के बाद भी करणी सेना और अन्य संगठनों का विरोध नहीं थम रहा है। इसे देखते हुए रविवार को भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा ने पार्टी की ओर से माफी मांग ली है, तो मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंत्री को तलब कर लिया है। मंत्री बिसाहूलाल के मुख्यमंत्री निवास पहुंचने के कुछ देर बाद ही भाजपा प्रदेश अध्यक्ष भी वहां पहुंच गए हैं। उधर, मंत्री के माफी मांगने के बाद भी करणी सेना पीछे हटने को तैयार नहीं है। उसने उन्हें बर्खास्त करने की मांग की है।मंत्री बिसाहूलाल सिंह ने 24 नवंबर को अनूपपुर विधानसभा क्षेत्र के ग्राम फुनगा में आयोजित सम्मान समारोह में सामान्य वर्ग (क्षत्रिय सहित अन्य) की महिलाओं को घर से बाहर निकालकर अपने साथ जोड़ने के लिए कहा था। उनके द्वारा स्थानीय भाषा में जिस तरह से यह बात रखी गई, उसको लेकर करणी सेना, कांग्रेस सहित अन्य संगठनों ने आपत्ति जताई। जब वे शनिवार को राजधानी में पार्टी के प्रदेश मुख्यालय पहुंचे तो वहां करणी सेना के कार्यकर्ताओं ने उन्हें काले झंडे दिखाए। इसका भाजपा के कार्यकर्ताओं ने विरोध किया। उधर, करणी सेना ने चेतावनी दी है कि यदि मंत्री को बर्खास्त नहीं किया जाता है तो संगठन 22 राज्यों में भाजपा का बहिष्कार करेगा। बयान को लेकर चौतरफा घिरे मंत्री ने शुक्रवार को सफाई देते हुए कहा कि मैंने जो कहा, उसका कुछ विघ्न संतोषी विचारधारा के राजनीतिक कार्यकर्ताओं ने दुष्प्रचार किया है। मेरी भावना पवित्र थी। इसके बाद भी यदि मेरे वक्तव्य से कोई जाति या वर्ग क्षुब्ध हुआ है तो मैं माफी मांगता हूं पर करणी सेना इससे संतुष्ट नहीं है। संगठन के सचिव शैलेन्द्र सिंह झाला ने कहा कि माफी मांगना ही काफी नहीं है। उन्होंने नारियों का अपमान किया है। वे जिम्मेदार पद पर बैठे हैं। सरकार महिलाओं के सम्मान की बात करती है इसलिए उन्हें मंत्रिमंडल से बर्खास्त किया जाए।










































