मई महीने में UPI ने बनाया नया रिकॉर्ड, 10 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा के हुए ट्रांजेक्शन

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देश में नकद का इस्तेमाल कम होता जा रहा है, और कैशलेस ट्रांजेक्शन बढ़ते जा रहे हैं। मई के महीने में यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) ट्रांजेक्शन ने नया रिकॉर्ड बनाया। देश में पहली बार UPI ट्रांजेक्शंस की वैल्यू 10 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा हो गई। नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) का ओर से जारी ताजा आंकड़ों के मुताबिक मई के महीने में इंस्टैंट रियल टाइम पेमेंट्स सिस्टम के तहत 595 करोड़ ट्रांजेक्शन दर्ज किए गए, जिनकी वैल्यू 10.41 लाख करोड़ रुपये हैं। इससे पहले अप्रैल 2022 में 558 करोड़ भुगतान (Digital Payment) हुए थे, जिनकी राशि 9.83 लाख करोड़ रुपये थी। ऐसी उम्मीद की जा रही है कि ट्रांजैक्शन (Digital Transaction) की संख्या इस महीने 600 करोड़ को पार कर जाएगी।

क्यों बढ़ रहे हैं UPI ट्रांजेक्शन?

साल 2016 में इसकी शुरुआत के बाद से ही UPI की मांग और स्वीकार्यता तेजी से बढ़ी है। वहीं कोविड-19 महामारी के दौरान लॉकडाउन और बाहर जाने की पाबंदी की वजह से ज्यादा लेन-देन इसी माध्यम से किया जाने लगा। आंकड़ों के मुताबिक मार्च, 2020 में 124 करोड़ ट्रांजेक्शन दर्ज हुए, जिसकी वैल्यू 2.06 लाख करोड़ रुपये थे। 1 जून को जारी डाटा के मुताबिक, मई, 2021 की तुलना में मासिक ट्रांजेक्शन 117 फीसदी बढ़ गए और उनकी वैल्यू 5 लाख करोड़ की तुलना में दोगुनी हो गई। वित्तीय वर्ष 2022 में यूपीआई से 46 अरब ट्रांजेक्शन हुए जिसकी राशि 84.17 ट्रिलियन या 84.17 लाख करोड़ रुपये की रही। इसी के साथ यूपीआई ने 1 लाख करोड़ के आंकड़े को पार कर लिया।

NPCI का लक्ष्य

UPI भुगतान के वॉल्यूम और वैल्यू में लगातार बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। यूपीआई, रूपे, भारत पे आदि की देखरेख करने वाली इकाऊ NPCI का लक्ष्य है कि अगले दो या तीन साल में यूपीआई ट्रांजेक्शन को 100 करोड़ ट्रांजैक्शन प्रति दिन से आगे ले जाया जाए। NPCI ने अगले तीन से पांच सालों में का लक्ष्य रखा है।

आपको बता दें कि यूपीआई पेमेंट सबसे तेज और सुरक्षित माना जाता है। आज आप अपने मोबाइल फोन से किसी भीयूपीआई पेमेंट ऐप (गूगल पे, फोन पे, एमेजॉन पे या पेटीएम) से फंड ट्रांसफर किया जा सकता है। आप यूपीआई ऐप को डेबिट या क्रेडिट कार्ड से लिंक कर आसानी से पेमेंट कर सकते हैं।

फिलहाल UPI ट्रांजेक्शंस में मुख्य रूप से तीन कंपनियों – PhonePe, Google Pay और Paytm Payments Bank का कब्जा है। PhonePe की मंथली ट्रांजेक्शंस में 47 फीसदी हिस्सेदारी है, वहीं गूगल पे और पेटीएम पेमेंट्स बैंक की क्रमशः 35 फीसदी और 15 फीसदी हिस्सेदारी है। मार्च 2022 में RBI ने Paytm Payments Bank पर नए कस्टमर्स जोड़ने से रोक लगा दी थी। उसके बाद सभी बैंक अपने ऐप पर यूपीआई के इस्तेमाल को बढ़ावा दे रहे हैं।

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