मत्स्य क्षेत्रीय अधिकारी दुर्गा प्रसाद मनघटे का मछुआरों से पैसे ले लेते वीडियो वायरल?

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केंद्र व राज्य सरकार द्वारा मछुवारों के लिए अनेक शासकीय योजनाएं संचालित की जा रही है। ताकि गरीब मछुआरों की आय दुगनी की जा सके।लेकिन जिले में ऐसा नहीं हो रहा है। बल्कि गरीब मछुवारों से क्षेत्रीय अधिकारियों द्वारा तालाब के पट्टो के नाम पर मोटी रकम वसूल की जा रही है। ऐसा हम नहीं कह रहे हैं बल्कि ऐसी बात सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल हो रहे एक वीडियो में कहीं जा रही है। जहां सोशल मीडिया में जारी एक वीडियो में मछुआ सहकारी समिति भजियादंड के मत्स्य क्षेत्रीय अधिकारी दुर्गा प्रसाद मनघटे को गरीब मछुवारों से पैसे वसूल करते दिखाया गया है। सोशल मीडिया पर जारी इस वीडियो में दावा किया गया है कि मत्स्य क्षेत्रीय अधिकारी दुर्गा प्रसाद मनघटे ने भजियादंड कार्य क्षेत्र ग्राम क चेखानी, ग्राम मुरझड और ग्राम झरिया के भोले भाले गरीब भूमिहीन भी मछुवारों को गुमराह कर तलाब पट्टे बनवाने के एवज में 7 से 10 हजार रुपयों की वसूली कि हैं। जहां तेजी से वायरल हो रहे इस वीडियो में बिना पैसे लिए मछुवारों को पट्टा वितरण नहीं होने की बात कही जा रही है।जिसकी शिकायत मध्यप्रदेश ढीमर मछुवा समाज संगठन द्वारा कलेक्टर कार्यालय में ज्ञापन सौंपकर की गई है ।जिसमें संगठन ने मत्स्य क्षेत्रीय अधिकारी मनघटे पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए ऐसे अधिकारी को तुरंत पद से निष्कासित किए जाने की मांग की है।

2 महा पुराना बताया जा रहा वीडियो
बताया जा रहा है कि मत्स्य क्षेत्रीय अधिकारी दुर्गा प्रसाद मनघटे का पैसे लेते वायरल यह वीडियो 2 माह पुराना है। जो इन दिनों सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। सोशल मीडिया पर जारी वीडियो में दावा किया जा रहा है मत्स्य क्षेत्रीय अधिकारी मनघटे ने कचेखानी, मुरझड और झारिया गांव के भोले भाले ढीमर मछुआरों को भृमित कर 10 वर्षीय पट्टा दिए जाने के नाम पर किसी से 7 तो किसी से 10 हजार रु की वसूली की है सोशल मीडिया पर जारी इस वीडियो में मत्स्य क्षेत्रीय अधिकारी मनघटे को मछुआ समाज के लोगों से पैसे लेते देखा जा रहा है।

वायरल वीडियो का पदमेंश मीडिया ग्रुप नहीं करता पुष्टि
इन दिनों सोशल मीडिया पर मत्स्य क्षेत्रीय अधिकारी मनघटे के द्वारा मछुवारों से पैसे लेने का ऑडियो वीडियो जमकर वायरल हो रहा है जहां सोशल मीडिया पर जारी हो रहे इस वीडियो की पुष्टि पदमेश मीडिया ग्रुप नहीं करता है और ना ही वायरल हो रहे इस ऑडियो वीडियो के संदर्भ में जो दावे किए जा रहे हैं उसे सही ठहराता है।लेकिन जारी किए गए इस वीडियो में क्षेत्रीय अधिकारी दुर्गा प्रसाद मनघटे के तालाब पट्टे के एवज में किसी मछुवारों से 7 तो किसी मछुवारों 10 हज़ार रु तक की रकम वसूल करने की बात कही जा रही है।

ढीमर मछुआ समाज संगठन सचिव पर लग रहे वीडियो वायरल के आरोप
सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे इस आडियो और वीडियो में कहीं जा रही बातों का संज्ञान लेते हुए बुधवार को मध्य प्रदेश ढीमर मछुवा समाज संगठन द्वारा कलेक्टर कार्यालय में एक ज्ञापन सौपा गया ।जहां सौंपे गए इस ज्ञापन में बताया गया कि मत्स्य क्षेत्रीय अधिकारी दुर्गा प्रसाद मनघटे ने तालाबों के पट्टे 10 वर्षो के लिए देने के नाम पर गरीब मछुआरों से 7 से 10 हजार रु वसूल किए हैं। जिसका ऑडियो वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। जहां वीडियो वायरल करने का आरोप संगठन सचिव बेनीराम मेश्राम पर लगाया जा रहा है। जबकि संगठन सचिव ने उक्त वीडियो सोशल मीडिया पर जारी नहीं किया है। जब मत्स्य अधिकारी मछुआरों से पैसे ले रहे थे तब सचिव मौके पर मौजूद नहीं थे और ना ही उन्होंने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी किया है बावजूद इसके भी सचिव को नए नए नंबर से धमकी मिल रही है जिस पर सचिव बेनीराम मेश्राम ने संगठन के अन्य पदाधिकारियों के साथ अपने संरक्षण में ज्ञापन सौपते हुए इस पूरे मामले की जांच कराने और ऐसे अधिकारी को तुरंत पद से निष्कासित किए जाने की मांग की है।

इन्हें पद से हटाया जाना चाहिए- बेनीराम मेश्राम
कलेक्टर कार्यालय में सौंपे गई इस ज्ञापन को लेकर की गई चर्चा के दौरान मध्य प्रदेश ढीमर मछुआ समाज संगठन सचिव धनीराम मेश्राम ने बताया कि करीब 2 महीना पहले भजियादंड समिति के कार्य क्षेत्र कचेखानी ,मुरझड और ग्राम झरिया क्षेत्र में तालाब के पट्टे के लिए मछुआरों से पैसे लिए गए थे जिसका एक आडीयो वीडियो हमें मिला है।जिसमे क्षेत्रीय अधिकारी दुर्गा प्रसाद मनघटे उस ऑडियो वीडियो में सभी मछुआरों से तालाब पट्टा देने के नाम पर पैसे लेते दिखाई दे रहे हैं। लेकिन अधिकारी को शक है कि यह वीडियो मैंने वायरल किया है। जबकि मैंने वीडियो वायरल नहीं किया और ना ही मैंने वीडियो बनाया है यह वीडियो उन्हीं लोगों ने बनाया है और दोष मुझ पर लगा रहे हैं। मुझे नए नए फोन नंबर से धमकियां मिल रही है हमारी मांग है कि ऐसे भ्रष्ट अधिकारी की सेवा समाप्त की जानी चाहिए ।उन्होंने बताया कि सरकार तरह-तरह की योजनाएं संचालित कर मछुआरों की आने आय बढ़ाने का प्रयास कर रही है लेकिन उन्हें योजनाओं का लाभ देने के नाम पर मोटी रकम ली जा रही है। रकम न देने पर कई वर्षों तक पट्टो की कार्यवाही नहीं होती और बगैर पैसे दिए कोई काम नहीं होता। इसीलिए आज हमने अपनी सुरक्षा के लिए यह ज्ञापन सौंपा है।क्यो की ऐसी कई शिकायतें मिल चुकी है जिसमें कहा गया है कि 10 वर्षों के लिए पट्टा देते हैं उसके एवज में पैसे ले रहे हैं ।अभी परसवाड़ा में भी एक मामला सामने आया है जहां के मछुआरों ने बताया है कि पट्टे के एवज में अधिकारी श्री मनघटे द्वारा पहले 13 हजार फिर 6 हज़ार लिए गए थे, अब और पैसों की मांग की जा रही है। हमने मत्स्य कार्यालय में जब इसकी शिकायत की तो वहा श्री मनघटे ने स्पष्ट झूठ बोल दिया कि वीडियो में जो पैसे लेते दिखाया गया है वह पैसे मछली बीज के लिए गए हैं तालाब के पट्टे देने के लिए नहीं। जो सरासर गलत है ।हमारी मांग है कि इस पूरे मामले की जांच की जाए ,दोषियों के खिलाफ कार्यवाही हो और ऐसे अधिकारियों को तत्काल पद से निष्कासित किया जाए।

सभी आरोप झूठे व बेबुनियाद है- मनघटे
वही इस पूरे मामले को लेकर जब हमने मत्स्य क्षेत्रीय अधिकारी दुर्गा प्रसाद मनघटे के मोबाइल नंबर 94258 98776 पर चर्चा कर उनका पक्ष जानना चाहा, तो उन्होंने वायरल हो रहे वीडियो को उनके मोबाइल नंबर पर भेजने की बात कही। उन्होंने आगे बताया कि जो वीडियो वायरल हो रहा है उसकी उन्हें जानकारी नहीं है वे कार्य क्षेत्र में मछली बीज का पैसा लेने के लिए जाते हैं जिसके सबूत उनके पास में हैं। यदि उस समय किसी ने वीडियो बनाया होगा तो इसकी जानकारी उन्हें नहीं है ।लेकिन जो मछली बीज का पैसा उन्होंने मछुआरों से लिया है उसकी रसीद, उसके बिल उनके पास है। रजिस्टर में उन पैसों की एंट्री भी है जो आरोप उन पर लगाए जा रहे हैं वह झूठे और बेबुनियाद है

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