मध्य प्रदेश में लगभग थम गया वर्षा का दौर

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मध्य प्रदेश में वर्षा का दौर लगभग थम गया है। गुरुवार को मौसम शुष्क रहा। सुबह साढ़े आठ बजे से शाम साढ़े पांच बजे तक कहीं भी वर्षा रिकार्ड नहीं हुई। मौसम विभाग की माने तो वर्तमान में कोई प्रभावी मौसम प्रणाली सक्रिय नहीं है। हवाओं के साथ नमी आने का सिलसिला कम हो गया है। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक हवाओं का रुख भी अब बदलने लगा है। मप्र से दो दिन में दक्षिण- पश्चिम मानसून की विदाई होने की भी संभावना है।मौसम विज्ञान केंद्र से मिली जानकारी के मुताबिक बंगाल की खाड़ी एवं अरब सागर में कोई भी मौसम प्रणाली सक्रिय नहीं है। हवाओं का रुख भी अब पश्चिमी, उत्तर–पश्चिमी होने लगा है। वातावरण से नमी तेजी से कम होने लगी है। इस वजह से बादल छंटने लगे हैं। आसमान साफ होने से जहां धूप निकलने लगी है, वहां अब रात के तापमान में धीरे–धीरे गिरावट भी दर्ज होने लगी है। पूर्व वरिष्ठ मौसम विज्ञानी अजय शुक्ला के अनुसार, तीन अक्टूबर को पूरे चंबल संभाग के अलावा ग्वालियर एवं उज्जैन संभागों के कुछ क्षेत्रों से दक्षिण – मानसून विदा हो गया था, लेकिन बंगाल की खाड़ी में एक कम दबाव का क्षेत्र बनने मानसून की विदाई का सिलसिला रूक गया था। शुक्ला के मुताबिक शनिवार को राजस्थान में प्रति चक्रवात बनने के आसार हैं। इसके साथ ही एक बार फिर मानसून की विदाई शुरू होने लगेगी। हालांकि पूर्वी मध्य प्रदेश में कुछ नमी मौजूद है। जिसके चलते शुक्रवार को शहडोल, रीवा, जबलपुर एवं नर्मदापुरम संभागों के जिलों में कहीं-कहीं छिटपुट बौछारें पड़ सकती हैं। प्रदेश के शेष जिलों में मौसम मुख्यत: शुष्क रहने के आसार हैं।

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