बालाघाट/ एससी एसटी एक्ट के विशेष न्यायाधीश के एस बारिया की विद्वान अदालत ने एक महिला के साथ सामूहिक रूप से बलात्कार करने के आरोप में तीन आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। तीनों आरोपी जिनमे राजू पिता चुन्नीलाल परते 36 वर्ष ग्राम दीनी थाना रामपायली , हीरालाल पिता झनक लाल मेश्राम 38 वर्ष और सेवक राम पिता गोमा जी मेश्राम 39 वर्ष दोनों ग्राम कलारी टोला लिंगमारा थाना रामपायली निवासी है। विद्वान अदालत ने इन तीनों आरोपी को आजीवन कारावास के अलावा 20 हजार रुपये अर्थदंड से भी दंडित किए हैं। इस मामले में एक आरोपी राजू टेकाम फरार है। अभियोजन की ओर से इस मामले की पैरवी जिला लोक अभियोजन अधिकारी विशेष लोक अभियोजक कपिल कुमार डहेरिया द्वारा की गई थी।
अभियोजन के अनुसार यह घटना सितंबर 2018 में हुई थी। जन्माष्टमी त्योहार में यह महिला अपने लड़के के साथ अपने मायके आई थी और 11 सितंबर 2018 को 10 बजे यह महिला अपने पिता के घर से अकेली अपने ससुराल जाने निकली थी। यह महिला कोडापाठ डोंगरगांव से दीनी जाने वाली मेंन रोड में जाकर बस का इंतजार कर रही थी। तभी 11:30 बजे करीब राजू परते अपनी मोटरसाइकिल से आया और इस महिला को पूछा कहां जा रही है। तब इस महिला ने बताई कि वह अपने ससुराल जा रही है। राजू परते ने उसे कहा कि मेरी मोटरसाइकिल में बैठ जा। तब राजू परते ने इस महिला को अपनी मोटरसाइकिल में बिठाकर डोंगरगांव पान ठेला में आया और मोटरसाइकिल में पेट्रोल भराया। राजू परते इस महिला को उसके ससुराल तरफ ना ले जाते हुए डोंगरगांव के जंगल तरफ ले जाने लगा। महिला चिल्लाई और मोटरसाइकिल से उतर गई। तब राजू परते ने महिला को जबरन हाथ पकड़ कर खींचते हुए डोंगरगांव के पुराने रेस्ट हाउस के अंदर ले गया और गमछे से उसका मुंह बांधकर राजू परते ने अपने तीन दोस्त को फोन करके बुलाया। तब सेवकराम मेश्राम अनिल अनिल तेकाम हीरालाल मेश्राम तीनों मोटरसाइकिल से आए और चारों ने इस महिला के साथ बारी-बारी से सामूहिक रूप से बलात्कार किये। महिला के द्वारा विरोध करने पर इन चारों ने उसे कमरे से बाहर निकाल कर साड़ी छोड़कर और उसे पेड़ से बांध दिए और जान से खत्म करने की धमकी देकर वहा से भाग गए। उनके भागने के बाद महिला ने जैसे तैसे अपने रिश्ते के भाई को फोन लगाई। तब इस महिला के रिश्ते का भाई उसके पिताजी सहित अन्य लोग डोंगरगांव रेस्ट हाउस पहुंचे और महिला को पेड़ से बंधा कपड़ा खोलकर नीचे उतारे। जिसके बाद यह महिला रिपोर्ट करने के लिए रामपायली पुलिस थाना पहुंची। रामपायली पुलिस ने इस महिला द्वारा की गई रिपोर्ट पर उक्त चारों आरोपियों के विरुद्ध धारा 376 डी, 366 506 भादवि, धारा 3(1)(w)(i),3(2)(va),3(2)(v) अनुसूचित जाति जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत अपराध दर्ज किया गया और इस अपराध में राजू परते हीरालाल मेश्राम एवं सेवक राम मेश्राम को गिरफ्तार किया गया और इस वारदात में प्रयुक्त मोटरसाइकिल जप्त की गई। आरोपी अनिल तेकाम को फरार दर्शाते हुए शेष आरोपी राजू परते, हीरालाल मेश्राम एवं सेवकराम मेश्राम के विरुद्ध विद्वान अदालत में अभियोग पत्र पेश किया गया था।
यह विशेष प्रकरण बालाघाट के एससीएसटी एक्ट के विशेष न्यायाधीश के एस बारिया की अदालत में चला। विद्वान विशेष न्यायाधीश के एस बारिया की अदालत में चलते इस मामले में अभियोजन पक्ष तीनों आरोपी के विरुद्ध आरोपित अपराध सिद्ध करने में सफल रहा। जिसके परिणाम स्वरूप विद्वान अदालत ने मामले की समस्त परिस्थितियों को देखते हुये अपने विवेचन निष्कर्ष और उपलब्ध साक्ष्य के आधार पर आरोपी राजू परते को धारा 376 डी भादवि के तहत अपराध में आजीवन कारावास ओर 5000 रुपये अर्थदंड, धारा 346/34 भादवि के तहत अपराध में 2 वर्ष का कठोर कारावास, धारा 366 भादवि के तहत अपराध में 10 वर्ष का कठोर कारावास और 5000 रुपये अर्थदंड से दंडित किये। आरोपी सेवक राम मेश्राम और हीरालाल मेश्राम को धारा 376 डी भादवि के तहत अपराध में आजीवन कारावास और 5000 हजार रुपये अर्थदंड धारा 346/34भादवि के तहत अपराध में 2 वर्ष का कठोर कारावास से दंडित किये।








































