जिले में होला से हुए फसलों के नुकसान का जायजा लेने के लिए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान शुक्रवार शाम को अशोकनगर आए। यहां मुंगावली के बजावन गांव में उन्होंने खेतों में पहुँचकर फसल देखी। मुख्यमंत्री ने मंच से कहा कि किसान के लिए यह संकट की घड़ी है। मैं मंच से अफसरों को सीधा कह रहा हूं कि किसान की फसल के सर्वे में कोई चूक ना हो जाए, ईमानदारी से सर्वे करना, ज़रूरत पड़े तो मुआवज़ा के लिए एक दो प्रतिशत ज्यादा लिख देना। अगर कम लिखा तो मैं नौकरी करने के लायक नहीं रहने दूँगा। उन्होंने कहा कि मैं दुख की घड़ी में आया हूं। मैंने खुद अपनी आंखों से फसलें देखी हैं। किसान के दर्द को पहचानता हूं और तकलीफ जानता हूं। किसान ने दिन रात मेहनत करके, कर्जा लेकर खाद- बीज डाला और पानी से नहीं पसीने से अपनी फसलों को सींचा, तब अन्न के दाने हमारे घर पर आते हैं। किसान भाइयों चिंता मत करना, यह संकट आया है और संकट से पार निकाल कर हम ले जाएंगे। 18 तारीख़ तक सर्वे पूरा कर लिया जाएगा और सूची को पंचायत भवन पर लगाएँगे। इसके बाद किसी का सर्वे रह गया होगा, तो फिर से कराएँगे और 25 जनवरी से मुआवजा वितरण करना शुरू कर दिया जाएगा।
जैसे ही मुख्यमंत्री रुपकुंवर महिला के खेत में पहुंचे, महिला अपनी खराब फसलों का हवाला देते हुए खूब रोई, मुख्यमंत्री ने दिलासा दिलाया की सब ठीक हो जाएगा। इस माैके पर भारी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे।










































