मोबाइल पर इन दिनों इमर्जेंसी अलर्ट भेजा जा रहा है। बीते एक माह में कई बार एंड्रॉइड और आईओएस मोबाइल पर अलर्ट सिस्टम जारी किया जा रहा है। भारत की तरह ही अमेरिका ने भी बीते हफ्ते मोबाइल पर इमर्जेंसी अलर्ट भेजा था। हालांकि सरकारी दावों में कहा जा रहा है कि इसे प्राकृतिक आपदा जैसे बाढ़, भूकंप को लेकर अलर्ट जारी करने के लिए रोलआउट किया जा रहा है, लेकिन सोशल मीडिया पर अलग कहानी बुनीं जा रही है।
सोशल मीडिया की मानें, तो सरकार न्यूक्लियर वॉर और वर्ल्ड वॉर 3 के संभावित खतरों के मद्देनजर मोबाइल फोन पर इमर्जेंसी अलर्ट सिस्टम भेजने का ट्रॉयल कर रही है। इसके पीछे अमेरिका, रूस और भारत में हुए मोबाइल इमर्जेंसी अलर्ट रोलआउट को जिम्मेदार माना जा रहा है। बता दें इन दिनों यूक्रेन और रूम में युद्ध का दौर जारी है। साथ ही हाल ही में इजराइल और फिलिस्तीन के बीच भी युद्ध जारी हो गया है, जिसे अमेरिका समेत यूरोप के सभी देशों का समर्थन हासिल है। इन्हीं सभी घटनाओं को एक साल बुनकर मोबाइल इमर्जेंसी अलर्ट से जोड़ा जा रहा है, लेकिन हकीकत में मोबाइल इमर्जेंसी अलर्ट सिस्टम का वर्ल्ड वॉर 3 से कोई लेना देना नहीं है। साथ ही इसका अमेरिका और रूस से भी कोई कनेक्शन नहीं है।













































