यशवंत सिन्हा ने मानी हार

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राष्ट्रपति चुनाव की तारीख नजदीक आते ही सियासी खेमों में हलचल बढ़ गई है। भाजपा की अगुआई वाली एनडीए की प्रत्याशी द्रौपदी मुर्मू और विपक्ष के उम्मीदवार यशवंत सिन्हा जोरशोर से प्रचार करने में जुटे हैं। दोनों अलग-अलग राज्यों में जाकर राजनीतिक दलों से समर्थन मांग रहे हैं। इस बीच, विपक्ष के उम्मीदवार यशवंत सिन्हा का एक बयान चर्चा में आ गया है। जिसमें वह भाजपा पर निशाना साधते हुए एनडीए उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू पर भी हमला करते हैं। इस बयान के आने के बाद कयास लगाए जाने लगे हैं कि चुनाव से पहले ही यशवंत सिन्हा ने हार मान ली है। यशवंत सिन्हा को इस बात का एहसास होने लगा है कि वह आंकड़ों में द्रौपदी मुर्मू से काफी पीछे चल रहे हैं। यही कारण है कि वह इस तरह के हमले कर रहे हैं।’

केजरीवाल का भाजपा पर तंज
दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने विधानसभा में भाजपा पर निशाना साधा। कहा कि ये लोग धमकी दे रहे है कि अगस्त अंत तक मनीष सिसोदिया को भी गिरफ्तार करेंगे। मनीष सिसोदिया ने दिल्ली के 18 लाख बच्चों का भविष्य बनाया है। आपके 19 राज्य के स्कूल एक तरफ और दिल्ली के स्कूल एक तरफ। कहा कि ईडी ने पिछले हफ्ते हमारे एक कार्यकर्ता से दस घंटे तक पूछताछ की थी। इसके बाद दीवार फिल्म का जिक्र करते और भाजपा पर तंज सकते हुए केजरीवाल ने कहा कि भाजपा के ईडी है, आयकर विभाग है, सीबाआई है, दिल्ली पुलिस है लेकिन दिल्ली के पास उनका बेटा केजरीवाल है। इस बात को दिल्ली की जनता अच्छी तरह जानती है।

उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार कौन
उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए अधिसूचना जारी हो गई। 19 जुलाई को नामांकन की आखिरी तिथि है। छह अगस्त को मतदान होगा। नतीजे भी छह अगस्त को ही आएंगे। इसी के साथ एनडीए और यूपीए में उम्मीदवारों के नामों को लेकर चर्चा तेज हो गई है। कयास लगाए जा रहे हैं कि द्रौपदी मुर्मू की तरह की उपराष्ट्रपति के उम्मीदवार के नाम से भी भाजपा सबको चौंका सकती है। वहीं, विपक्ष भी इस बार मजबूत उम्मीदवार उतारने की रणनीति तैयार करने में जुट गया है। उपराष्ट्रपति के मामले में भी भाजपा का फैसला थोड़ा हटकर हो सकता है। मौजूदा समीकरण को देखते हुए भाजपा तीन-चार अलग-अलग वर्ग के प्रत्याशियों पर विचार कर रही है।’

गुपकार का फैसला
जम्मू-कश्मीर में गुपकार गठबंधन का मिलकर चुनाव लड़ने का फैसला भाजपा के लिए मुश्किल खड़ी कर सकता है। इससे न केवल भाजपा बल्कि कुछ अन्य मेनस्ट्रीम छोटी पार्टियां जैसे कि सज्जाद लोन की पीपल्स कॉन्फ्रेंस और अल्ताफ बुखारी की अपनी पार्टी भी मुश्किल में पड़ सकती हैं। पीएजीडी के अध्यक्ष और जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला ने सोमवार को कहा कि गठबंधन के सदस्य मिलकर चुनाव लड़ेंगे। बता दें कि जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 को हटाए जाने के विरोध में पहले के धुर विरोधी रहे नेशनल कॉन्फ्रेंस और पीडीपी एक ही बैनर तले साथ आ गए थे। कुछ छोटी पार्टियों को मिलाकर उन्होंने गुपकार अलायंस बनाया था। गुपकार अलायंस का साथ मिलकर चुनाव लड़ना सज्जाद लोन और अपनी पार्टी के लिए अच्छी खबर नहीं है। बुखारी ने दो साल पहले ही पीडीपी से अलग होकर यह पार्टी बनाई थी।

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