यूक्रेन में हालात अभी भी तनावपूर्ण बने हुए हैं और युद्ध की आशंका खत्म नहीं हुई है। ऐसे में वहां रह रहे भारतीय नागरिकों और छात्रों की सुरक्षा खतरे में पड़ गई है। भारतीय दूतावास ने देश में बढ़ती चिंता को देखते हुए भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकालने की प्रयास तेज कर दिये हैं। भारतीय लोगों के लिए एंबेसी में भी कंट्रोल रूम तैयार किया गया है, साथ ही विदेश मंत्रालय भी यूक्रेन में रहने वाले लोगों के परिवारों की चिंताओं को दूर करने की कोशिश में जुटा है। सूत्रों के अनुसार, यूक्रेन में भारतीय नागरिकों और भारत में उनके परिवारों के सवालों का जवाब देने के लिए यूक्रेन की राजधानी कीव स्थित भारतीय दूतावास के साथ-साथ विदेश मंत्रालय में भी कंट्रोल रूम बनाए गए हैं। साथ ही लोगों की मदद करने के लिए हेल्प लाइन नंबर भी जारी किये हैं।
भारतीय दूतावास के सूत्रों के मुताबिक लोगों की हर तरह से मदद करने की कोशिश की जा रही है। भारतीय दूतावास की तरफ से कहा गया है कि हमें इस बात की जानकारी है कि कई भारतीय छात्र यूक्रेन में हैं। सभी लोग भारत के लिए फ्लाइट्स का इंतजार कर रहे हैं और इसे लेकर जानकारी चाहते हैं। इसके लिए तमाम एयरलाइंस और एविएशन अथॉरिटी से बात की जा रही है, कोशिश है कि यूक्रेन और भारत के बीच फ्लाइट्स की संख्या को बढ़ाया जाए।
इससे पहले 15 फरवरी को भारतीय दूतावास की ओर से एक एडवाइजरी भी जारी की गई थी, जिसमें दूतावास ने भारतीय नागरिकों, विशेष रूप से ऐसे छात्रों को, जिनका वहां रहना ज्यादा जरूरी नहीं है, से ‘मौजूदा स्थिति की अनिश्चितताओं को देखते हुए’ अस्थायी रूप से देश छोड़कर जाने के लिए कहा था। साथ ही इसमें भारतीय नागरिकों को सलाह दी गई थी किवे यूक्रेन में और उसके भीतर सभी गैर-जरूरी यात्रा करने से बचें। दूतावास ने ये भी कहा कि वह यूक्रेन में भारतीय नागरिकों को सभी सेवाएं प्रदान करने के लिए सामान्य रूप से कार्य करना जारी रखेगा।










































