रूस- यूक्रेन युद्ध के बाद वैश्विक स्तर पर बड़ी तेजी के साथ आर्थिक मंदी बढ़ती जा रही है। बढ़ती महंगाई और बेरोजगारी के कारण अर्थव्यवस्था छिन्न-भिन्न होने की कगार पर पहुंच गई है। भारत के ऊपर भी अब इसका असर पड़ना शुरू हो गया है।
अमेरिका और यूरोप के देशों ने आर्थिक मंदी को देखते हुए,वहां के देशों ने निर्यात के आर्डर रद्द कर दिए हैं। वहीं अमेरिका जैसे देशों ने अभी निर्यात ऑर्डर को लंबित रखने के लिए कहा है। इसका असर मुख्य रूप से इंजीनियरिंग, हैंडीक्राफ्ट, टेक्सटाइल, केमिकल्स जैसे सेक्टर पर पड़ना शुरू हो गया है।
पिछले 3 महीनों से भारत का निर्यात व्यापार लगातार कम हो रहा है। सितंबर माह में पहली बार निर्यात में 3.52 फ़ीसदी की गिरावट दर्ज की गई है।










































