Jharkhand: बुधवार को रांची में रमेश बैस ने झारखण्ड राज्य के 10 वें राज्यपाल के रूप में शपथ ग्रहण किया। उन्हें राज भवन स्थित बिरसा मंडप में आयोजित समारोह में झारखंड उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति डॉ. रवि रंजन ने राज्यपाल पद की शपथ दिलाई। कोविड-19 के दिशा-निर्देशों की वजह से ये आयोजन सादगी के साथ संपन्न किया गया। शपथ ग्रहण के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्यपाल रमेश बैस को बधाई दी। इस मौके पर राज्य के मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन, विधानसभा अध्यक्ष श्री रबीन्द्र नाथ महतो, सांसद संजय सेठ और राज्य मंत्रिमंडल के तमाम सदस्य मौजूद थे। रमेश बैस ने राज्यपाल के रुप में द्रौपदी मुर्मू का स्थान ग्रहण किया है, जो झारखंड में आदिवासी समुदाय से बनने वाली पहली महिला राज्यपाल रहीं और सबसे ज़्यादा लंबे समय तक झारखंड के शीर्ष पद पर रहीं।
राज्यपाल का जीवन परिचय
त्रिपुरा के राज्यपाल रह चुके रमेश बैस का जन्म 2 अगस्त 1947 को रायपुर में हुआ था। रायपुर से 7 बार सांसद रह चुके रमेश बैस 1989 में पहली बार सांसद बने। तब से वे लगातार 2019 तक रायपुर का प्रतिनिधित्व करते रहे। अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में राज्यमंत्री और लोकसभा में भाजपा के मुख्य सचेतक भी रहे। 70 वर्ष से अधिक उम्र हो जाने के आधार पर 2019 में भाजपा ने इन्हें लोकसभा का टिकट नहीं दिया था, लेकिन इनके योगदान को देखते हुए जुलाई 2019 में त्रिपुरा का राज्यपाल बनाया गया और अब उन्हें झारखंड का राज्यपाल नियुक्त किया गया है।









































