कोतवाली पुलिस ने राह चलती एक नाबालिक लड़की को रोककर उसके साथ छेड़छाड़ करने के आरोप में मोटरसाइकिल सवार एक युवक को गिरफ्तार कर लिया। राह चलती इस नाबालिग लड़की के साथ छेड़छाड़ करने की घटना 15 मई को 2 बजे करीब समनापुर रोड़ ग्राम कुम्हारी के पास उस समय हुई जब यह लड़की सेंट्रल बैंक कुम्हारी से समूह की किस्त जमा करके अकेले अपने घर जा रही थी।गिरफ्तार युवक रितेश उर्फ नितेंद्र पिता ज्ञानीराम तितरमारे 28 वर्ष ग्राम कटंगा थाना लालबर्रा निवासी है।जिसे न्यायिक अभिरक्षा में जिला जेल भिजवा दिया गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार कोतवाली क्षेत्र में रहने वाली यह 17 वर्षीय नाबालिक लड़की कक्षा बारहवीं की छात्रा है ।जिसके परिवार में मां ,एक बड़ी बहन और एक छोटा भाई है। मां मजदूरी करती है। 15 मई को दोपहर में यह नाबालिक लड़की समूह की किस्त पटाने के लिए ग्राम कुम्हारी सेंट्रल बैंक गई थी। बैंक में क़िस्त जमा करने के बाद यह लड़की पैदल अकेली अपने घर गांव जा रही थी। 2 बजे करीब यह लड़की ग्राम कुम्हारी समीप ढोड़ी नाला पहुंची थी। तभी मोटरसाइकिल सवार एक युवक ने इस लड़की का रास्ता रोका और इस लड़की को बोला मेरे साथ चलोगी क्या, लड़की घबरा गई और पीछे लोट गई थी। उसी समय कुम्हारी की ओर से 3,4 मोटरसाइकिल वाले गुजर रहे थे। यह मोटरसाइकिल सवार युवक भी उनके साथ साथ आगे निकल गया। लड़की ने सोची की युवक भी आगे निकल गया होगा और यह लड़की अपने घर जाने निकली किंतु आगे रोड पर वही युवक खड़ा था और वह मोटरसाइकिल घुमाकर लड़की के तरफ आने लगा तभी लड़की ने अपने मामा को फोन लगाई और बताई की एक मोटरसाइकिल सवार लड़का मुझे छेड़ रहा है। तभी यह मोटरसाइकिल सवार युवक, लड़की के पास पहुंचा और लड़की डर कर खेत बंधी तरफ भागी। यह मोटरसाइकिल युवक भी लड़की का पीछा करते हुए खेत तरफ गया और लड़की को बुरी नियत से पकड़ कर छेड़छाड़ करने लगा ।इसी दौरान गांव के लोग भी आ चुके थे जिन्होंने इस युवक को पकड़े और पूछताछ करने पर इस युवक ने अपना नाम रितेश पिता ज्ञानीराम तितरमारे ग्राम कटंगा थाना लालबर्रा निवासी बताया। जिसे गांव वालों ने कोतवाली पुलिस के हवाले किये। कोतवाली पुलिस ने इस नाबालिग लड़की द्वारा की गई रिपोर्ट पर युवक रितेश उर्फ नितेंद्र तितरमारे के विरुद्ध धारा 341 354 भादवि और धारा 7/8 लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम के तहत अपराध दर्ज कर इस अपराध में इस युवक को गिरफ्तार करके 16 मई को उसे बालाघाट की अदालत में पेश कर दिए। जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जिला जेल भिजवा दे गया है।










































