रोजी-रोटी के लिए तरसा परिवार

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परिवार की खुशी और बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए दूसरे राज्य कमाने गए एक मजदूर की एक हादसे में मौत के बाद उसका परिवार आज रोजी-रोटी के लिए दर-दर की ठोकरें खा रहा है। मंगलवार को पीडि़त परिवार और ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर अपनी समस्या रखी और मृतक की पत्नी को राष्ट्रीय परिवार सहायता योजना के तहत राशि दिलाने की मांग रखी। बताया गया कि जामड़ीमेटा निवासी रूसीला के पति रोजगार की तलाश में महाराष्ट्र के जलगांव गए थे, जहां 11 नवंबर 2021 को मजदूरी करते वक्त एक हादसे में मौत हो गई थी। एक साल बाद भी पीडि़त परिवार को न ठेकेदार और न ही सरकार की तरफ से कोई आर्थिक सहायता मिली है।

परिजनों ने बताया कि पीडि़त महिला के दो बच्चे हैं। परिवार में कमाने वाला सिर्फ उनका पति था। ऐसे में महिला के सामने अपने बच्चों के भविष्य को लेकर संकट खड़ा हो गया है। परिजनों ने बताया कि इस संबंध में संबंधित अधिकारियों से भी संपर्क किया गया, लेकिन अब तक उन्हें कोई सहायता नहीं मिली। पति की मृत्यु के बाद ग्राम पंचायत की तरफ से पीडि़त परिवार को अंत्येष्टि के लिए सिर्फ पांच हजार रुपए की मदद की गई थी। पति जिस ठेकेदार के पास काम करता था, उसने भी पीडि़त परिवार की कोई मदद नहीं की। पीडि़त महिला ने मांग रखी कि उसे अपने बच्चों के अच्छे भविष्य के लिए सरकार की तरफ से दी जाने वाली राष्ट्रीय परिवार सहायता योजना के तहत सहायता राशि दी जाए ताकि वह कोई रोजगार कर सके।

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