बालाघाट शहर को पूरे प्रदेश में अमन का शहर शांति का टापू के नाम से जाना जाता है। इसीलिए तो जो भी एक बार बालाघाट आता है। वह यही का होकर रह जाता है। लेकिन बीते कुछ दिनों के घटनाक्रम पर नजर डाली जाए तो अब लोगों को शहर में डर लगने लगा है।
15 दिन के भीतर 4 लूट की वारदात, चोरी की घटना और रविवार को सरे बाजार व्यापारी पर हमला, अब हर कोई आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहा है।
मूलतः जबलपुर जिले की रहने वाली समाजसेवी रमा कदम बताती है कि वे काफी वर्षों से बालाघाट में रह रही है लेकिन पिछले कुछ घटनाक्रम के बाद से अब उन्हें भी शहर में डर लगने लगा है।
कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी इस पूरे घटनाक्रम के लिए प्रदेश शासन और जिला प्रशासन को आड़े हाथों ले रहे हैं। उनके अनुसार प्रदेश का कोई भी जिला हो वहां पर कानून व्यवस्था बनाना शासन का काम है और उसे सुचारू रूप से संचालित करना प्रशासन का।
कांग्रेसियों की तरह ही भारतीय जनता पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष रमेश रंगलानी ने आरोपियों को बेखोप होना बताया और प्रशासन को आड़े हाथों लिया।
विधायक गौरीशंकर बिसेन बताते हैं कि उनकी इस विषय पर पुलिस अधीक्षक अभिषेक तिवारी से चर्चा हुई है सभी आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाएगा और कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी।










































