वंदे भारत चलाने से पूर्व रेलवे ट्रैक को किया जाएगा सुरक्षित

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देश की तीव्र गति से दोडने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन चलाने के पहले रेलवे ट्रैक को सुरक्षित किया जाएगा ताकि कोई अनहोनी घटना ना हो पाए। इसके लिए सबसे पहले प्रदेश के प्रमुख शहरों के रेलवे ट्रेकों को बाउंड्रीवाल बनाकर सुरक्षित किया जाएगा। पहले चरण में यह काम मुख्य-मुख्य शहरों में पूरा किया जाएगा। इनमें से गुजरने वाले ट्रैक को पूरी तरह कवर्ड किया जाना है। यह काम पहले से चल रहा है लेकिन सीमित दायरे में ही बाउंड्रीवाल बनाई गई है। अब इनकी लंबाई बढ़ाई जा रही है।। मुख्य रूप से भोपाल, विदिशा, इटारसी, बीना, गंजबासौदा, मंडीबामोरा, हरदा, पिपिरया, नर्मदापुरम से गुजरने वाले ट्रैक को कवर्ड किया जाना है। इन शहरों में 50 प्रतिशत काम पूरा हो गया है। अब इसे और आगे बढ़ाया जाएगा। अगले साल मार्च तक वंदे भारत एक्‍सप्रेस का पहला रैक मिल सकता है।बता दें कि वंदे भारत एक्सप्रेस को 160 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से चलाया जाना है। अभी इस गति से शताब्दी व गतिमान जैसी ट्रेनें चल रही है। यह गति काफी होती है और जब ट्रेनें इस गति में हो तो जरा सा भी व्यवधान गंभीर खतरा पैदा कर सकता है। खासकर भोपाल रेल मंडल से गुजरने वाले रेलवे ट्रैक पर ट्रेनों के सामने बार-बार मवेशी आ जाते हैं। होशंगाबाद, विदिशा, बीना, इटारसी और भोपाल के आसपास कई घटनाएं हो चुकी है। जिनमें मेल, एक्सप्रेस जैसी ट्रेनों को रोकना पड़ा है। शताब्दी एक्सप्रेस जैसी ट्रेन के सामने भी मवेशी आ चुके हैं।भोपाल रेल मंडल में रेल परिचालन से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि वंदे भारत एक्सप्रेस की सेवा शुरू होने से पहले सभी संभावित खतरों को दूर करने पर काम कर रहे हैं। ट्रैक पर जहां-जहां मवेशियों के प्रवेश करने की संभावना है, उन क्षेत्रों में बाउंड्रीवाल स्वीकृत कर चुके हैं। ऐसे स्थानों की पहचान की जा चुकी है, जहां आसपास के लोग एक से दूसरी ओर जाने के लिए ट्रैक पार करते हैं। इन इलाकों में रोड ओवर ब्रिज और रेल अंडरपास का काम शुरू कर दिया है या फिर स्वीकृति दे दी है। इन कामों को पूरा करने की समयावधि भी तय है। ट्रैक किनारे के गांवों में मुनादी करवा रहे हैं कि निर्धारित फाटक, रेल अंडरपास, ओवर पास से ही आना-जाना करें। ट्रैक के किनारे मवेशी न छोड़ें और न ही चराने जाएं। रेलवे बोर्ड ने जुलाई 2022 में वंदे भारत ट्रेन के 100 रैक देने की घोषणा की है। इसमें दो रैक भोपाल रेल मंडल को भी आवंटित किए थे। ये दोनों ही रैकों से वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनें रानी कमलापति रेलवे स्टेशन से चलाई जानी है।

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