कोरोना की दूसरी लहर को देखते हुए शासन प्रशासन द्वारा पूरे प्रदेश में अप्रैल माह से पुनः लॉकडाउन लगाया गया था जो लगभग 2 माह बाद 1 जून को खोला गया। इस लॉकडाउन के दौरान जहां शासन प्रशासन द्वारा लोगों से घरों में रहने और बाहर ना निकलने की अपील की गई थी तो वही शासकीय कार्यालयों को भी बंद कर स्टाफ को घर पर रहने के निर्देश दिए गए थे ऐसे में नगर पालिका द्वारा लॉक डाउन की अवधि का संपत्ति और जलकर अदा करने वालों से पैनाल्टी वसूली जा रही है
पेनाल्टी को लेकर अब नगरपालिका में आए दिन विवाद हो रहे हैं आपको बताएं कि नगर पालिका, लॉकडाउन की अवधि में जलकर जमा ना करने वालों से 15रु प्रति माह के हिसाब से पैनाल्टी वसूल ही है जिसके चलते लाकडाउन के 2 महीने तक जलकर जमा ना करने वालों से 30रु अतिरिक्त पेनाल्टी वसूली जा रही है। जिसको लेकर नपा में आए दिन विवाद देखे जा रहे है जहां टैक्स जमा करने नगरपालिका पहुंचने वाले नागरिकों द्वारा लाकडाउन की अवधि की पैनाल्टी माफ किए जाने की मांग की जा रही है।
वही मामले को लेकर की गई चर्चा के दौरान वार्ड नंबर 1 नगर पालिका के पूर्व उपाध्यक्ष अनिल सोनी ने बताया कि नगर पालिका लॉकडाउन की अवधि में टैक्स जमा न करने वालों से पैनाल्टी वसूल रही है।जबकि लाकडाउन की अवधि की पैनाल्टी वसूल नही की जानी चाहिए।
मुख्य नगरपालिका अधिकारी सतीश मटसेनिया ने बताया कि लॉक डाउन की अवधि में टैक्स जमाना करने वालों नागरिक की कोई गलती नही है। उपभोक्ता, लाकडाउन की अवधि में लगाए जा रहे अधिभार में छूट देने की मांग कर रहे है जिसको लेकर वे संचनालय नगरी विकास विभाग आयुक्त को पत्र लिखेंगे जिसमें पैनाल्टी माफ किए जाने की का अनुरोध किया जाएगा।










































