बुंदेलखंड की अयोध्या के नाम से विख्यात ओरछा में विवाह पंचमी पर श्री रामराजा सरकार के बारात से पहले शनिवार को मंदिर परिसर में हल्दी व मंडप की रस्में पूरी की गई। दोपहर बाद भोज में हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने पहुंचकर भोजन किया। महिलाओं ने मंदिर परिसर में बुंदेली विवाह गीत गाकर खुशियां मनाईं।
रविवार को राजसी ठाठ बाट के साथ श्री रामराजा सरकार की बारात निकाली जाएगी। बारात के सबसे आगे रघुकुल का प्रतीक चिन्ह, उसके बाद मशालची, चांदी की छड़ी लिए दरबान, भगवान को चंवर हिलाते हुए सेवक चलते हैं। नगर में बारात को हर घर पर रोककर उनकी आरती उतारी जाती हैं।
मंडपाच्छादन पूजन करवाया गया
मंदिर के प्रधान पुजारी रमाकांत शरण महाराज एवं पुरोहित पं. वीरेंद बिदुआ ने वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ विधिवत मंडपाच्छादन पूजन करवाया गया। कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा ने सपत्नीक मंडपाच्छादन एवं खंभ स्थापना कर विधि पूर्वक पूजन किया। विवाह मंडप एवं आंगन को 8 क्विंटल फूलों से सजाया गया। इस पावन महोत्सव की मंगल बेला पर धार्मिक नगरी ओरछा को दुल्हन की तरह सजाया गया और जगह-जगह तोरण द्वार बनाए गए हैं।
धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन होगा
रविवार को मंदिर के पुजारी पं. हरीश दुबे राजा जनक के रूप में दूल्हा सरकार का टीका कर बारात की अगवानी करेंगे। रात में मंदिर के बाहर प्रांगण में श्री रामराजा सेवा दल के संयोजन में देश के ख्याति प्राप्त कलाकारों द्वारा धनुष यज्ञ लीला का मंचन किया जाएगा। इस अलावा मंदिर परिसर में संत समागम के अतिरिक्त रामचरित मानस प्रवचन, भजन-कीर्तन आदि धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया।








































