वारासिवनी थाना क्षेत्र में आने वाले ग्राम कायदी से युवक युवती द्वारा परिवार की अनुमति के बिना शादी करने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। इसके बाद गांव में स्थिति थोड़ी तनावपूर्ण बन गई। शिकायत के लिए ग्रामीण वन स्टॉप सेंटर बालाघाट पहुंच गए।
शनिवार को ग्राम कायदी के दर्जनों ग्रामीण बालाघाट वन स्टॉप सेंटर के सामने जमा हो गए। स्थिति तनावपूर्ण बन गई। किंतु ग्राम कायदी के ग्रामीणों द्वारा सांप्रदायिक सद्भाव बनाए रखने से तनावपूर्ण स्थिति नियंत्रण में रही।
प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम कायदी की एक बालिक लड़की द्वारा युवक के साथ प्रेम संबंध के चलते 24 फरवरी को घर से कॉलेज जाने के बहाने निकली थी। और यह लड़की कॉलेज न जाते हुए इस युवक के साथ वारासिवनी पहुंच गई।
इस लड़की ने पुलिस थाना वारासिवनी पहुंचकर युवक के साथ शादी करने के संबंध में एक आवेदन दी थी। वारासिवनी पुलिस ने मामले को समझते हुए इस लड़की के परिवार वालों को बुला लिया। लड़की को उसके माता पिता ने समझाएं और साथ चलने के लिए कहे।
किंतु लड़की ने अपने माता पिता के साथ जाने से इनकार कर दी। युवक ने थाने में लड़की के माता-पिता और परिवार को देखा जो बिगड़ते हालात को देखते हुए लड़की को छोड़कर फरार हो गया।
लड़की द्वारा अपने माता पिता के साथ जाने से इनकार करने पर वारासिवनी पुलिस ने इस लड़की को वन स्टॉप सेंटर बालाघाट भिजवा दिया।
26 फरवरी को कायदी गाँव से लड़की के माता-पिता उसके रिश्तेदार के अलावा दर्जनों ग्रामीण और विश्व हिंदू परिषद बजरंग दल के कार्यकर्ता वन स्टॉप सेंटर पहुंच गए। वन स्टॉप सेंटर के सामने माहौल तनावपूर्ण बन गया था।
जिसके बाद वन स्टॉप सेंटर के कर्मचारी के अलावा नगर पुलिस अधीक्षक अपूर्व भलावी, नगर निरीक्षक कमल सिंह गहलोत के अलावा उपनिरीक्षक प्रीति सिंगोतिया ने इस लड़की को समझाइश दी। किंतु लड़की ने डर के कारण अपने माता पिता के साथ घर जाने से इनकार कर दिया। पुलिस अधिकारियों ने लड़की के माता-पिता और साथ आये लोगों को समझाइश दी की लड़की बालिक है और उसे जबरदस्ती भिजवा नहीं सकते जिन्होंने लड़की को वन स्टॉप सेंटर में ही रखने की सलाह दी। जिसके बाद कायदी से आए ग्रामीणों ने हालात को समझे और स्थिति शांतिपूर्ण रही।










































