शराबी फिल्म में निभाया गया अमिताभ बच्चन का किरदार आज भी लोगों के जेहन में जिंदा है। इस फिल्म में उनका अंदाज, उनके डायलॉग सभी बेहद पसंद किए गए। आपको बता दें कि इस फिल्म में एक सीन को शूट करने में काफी मुश्किल आई। अमिताभ ने फिल्म जंजीर को करने के बाद अपनी अगली फिल्म साइन की थी ‘शराबी’ जिसमें वो एक अमीर बाप की औलाद बने थे। उनके पिता का रोल निभाया था अभिनेता प्राण ने।
इस फिल्म का सबसे फेमस डायलॉग था ‘भाई, मूछें हो तो नत्थूलाल जैसी वरना ना हो’। आपको जानकर हैरानी होगी कि इस फेमस डायलॉग के लिए एक सीन को शूट करने के लिए अमिताभ बच्चन ने 45 बार रिटेक दिए थे। इसमें लगभग दो घंटे का वक्त लगा था, तब जाकर ये बेहतरीन सीन शूट हुआ था।
सीन के वक्त अमिताभ बच्चन और उनके पिता पार्टी में होते हैं। पिता प्राण उन्हें मेहमानों से मिलवाते हैं। फिल्म में प्राण अमिताभ को दारूवाला शख्स से मिलवाते हैं और अमिताभ उन्हें गले लगाते हैं। जब सीन शूट हो रहा था तब बिग बी और उनके सामने खड़े दारूवाला की आवाजें बार-बार अलग हो रही थीं। आवाज को मैच करने और परफेक्ट सीन शूट करने में पूरे दो घंटे लग गए थे। जब भी कोई फिल्म बनकर पर्दे पर आती है तो कई बार डायलॉग या गाने अमर हो जाते हैं। हालांकि दर्शकों को ये अंदाजा नहीं होता है कि उस एक डायलॉग या एक गाने को शूट करने के लिए कितनी मेहनत की गई।
बांया हाथ जेब में डालकर की थी ‘शराबी’की शूटिंग
‘शराबी (Sharabi)’ के दौरान अमिताभ बच्चन अपना बांया हाथ जेब में डालकर रहते थे। अमिताभ बच्चन और जयाप्रदा की फिल्म ‘शराबी’ हॉलीवुड फिल्म ‘ऑर्थर’ से प्रेरित है। लोगों को लगा था कि अमिताभ का जेब में हाथ डालना फिल्म का स्टाइल है लेकिन हकीकत में वह चोट की वजह से ऐसा कर रहे थे। इस बारे में अमिताभ ने खुद खुलासा किया था कि दीवाली पर पटाखा जलाते हुए उनके सीधे हाथ की उंगलियां जल गई थीं।










































