नगर की प्राचीन दरगाह हजरत गुलशन शाह रह. अलैह एवं हजरत यार खां रह. अलैह में 57 वां सालाना उर्स हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। यह तीन दिवसीय उर्स का प्रारंभ 14 अप्रैल से किया गया है जिसका समापन 16 अप्रैल को किया जायेगा। इस दौरान उर्स के प्रथम दिन विधि विधान से विभिन्न कार्यक्रम कर उर्स का प्रारंभ किया गया। जिसके दूसरे दिन 15 अप्रैल की देर श्याम संदल कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें इमामबाड़े से शानो शौकत के साथ संदल निकाला गया जो नगर की प्राचीन दरगाह हजरत गुलशन शाह रह. अलैह एवं हजरत यार खां रह. अलैह की मजार पर पहुंचा जहां पर शाही चादर पेश की गई। जिसके बाद उक्त संदल पूरे शहर की गस्ती करते हुए वापस इमामबाड़े पहुंचा। इस दौरान शहनाई की धुन पर जमकर युवाओं के द्वारा नृत्य भी किया गया। विदित हो कि प्रति वर्ष अनुसार इस वर्ष भी उर्स का आयोजन किया गया है जिसमें हर्ष उल्लास के साथ उर्स मनाया जा रहा है। इस दौरान नगर सहित क्षेत्र से बड़ी संख्या में हजरत बाबा और गुलशन बाबा के मानने वाले उनकी दरगाह पर पहुंचकर सिरनी इत्र चादर व अन्य पूजा सामग्री चढ़ाकर मन्नत मांग रहे हैं। पद्मेश से चर्चा में उर्स कमेटी अध्यक्ष गुड्डू हसन ने बताया कि प्राचीन दरगाह हजरत गुलशन शाह रह. अलैह एवं हजरत यार खां रह. अलैह का 57 वां सालाना उर्स जोशो खरोश के साथ इस वर्ष भी प्रतिवर्ष अनुसार मनाया जा रहा है। परंतु इस वर्ष रमजान का महीना होने से हर वर्ष की अपेक्षा में इस वर्ष सादगी पूर्वक उर्स का आयोजन किया गया है। जिसमें उर्स के दूसरे दिन संदल इमामबाड़ा से निकालकर गुलशन बाबा यरखाँ बाबा की मजार होते हुए पूरे नगर का गस्त किया गया। इस वर्ष रमजान के कारण कव्वाली कार्यक्रम का आयोजन स्थगित कर दिया गया है जो आगामी समय में आयोजित किया जायेगा। इस अवसर पर बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।










































