श्रम निरीक्षक को रिश्वत लेते रंगेहाथो दबौचा

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लोकायुक्त पुलिस द्वारा श्रम निरीक्षक को रिश्वत लेते रंगेहाथो दबौचा है। इंदौर की महिला उद्यमी के श्रम विभाग में चल रहे एक केस का निपटारा करने के लिए श्रम निरीक्षक ने 25 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी। श्रम निरीक्षक को लोकायुक्त पुलिस ने सोमवार को सहायक श्रमायुक्त कार्यालय के बाहर ही दबोच लिया। श्रम निरीक्षक मनोजसिंह तोमर ने महिला उद्यमी शिवानी शर्मा से पहली किस्त के रूप में 10 हजार रुपये की रिश्वत ली ही थी कि लोकायुक्त पुलिस की टीम ने उसे पकड़ लिया। लोकायुक्त टीम के कब्जे में आए तोमर ने बहाना बनाया कि यह महिला मुझे जबरन फंसा रही है। मैं तो इस महिला का भला करना चाहता था। मुझे छोड़ दीजिए मेरी लाइफ बर्बाद हो जाएगी। जब लोकायुक्त पुलिस के अधिकारियों ने कहा कि फिर पैसे किस बात के लिए? तो श्रम निरीक्षक के पास इसका कोई जवाब नहीं था। तोमर 2017 में इस नौकरी में आया था और व्यापमं के जरिए उसका चयन हुआ था। वह मूलत: मुरैना का रहने वाला है। इंदौर के संजय नगर की निवासी शिवानी शर्मा की अंजनी नगर में तिरुपति हर्ब्स के नाम से फर्म थी। वे कुछ कंपनियों के सौंदर्य प्रसाधन उत्पाद की आपूर्ति और मार्केटिंग करती थीं। उनके यहां सात-आठ लड़कियां काम करती थीं। गत जून महीने में उनकी फर्म के निरीक्षण के लिए श्रम निरीक्षक तोमर पहुंचा था। निरीक्षण के दौरान उसने यहां कम आयु की लड़कियों को काम करते पाया। साथ ही उनको कम वेतन देने और वेतन की राशि बैंक खाते के माध्यम से न देने का प्रकरण बनाया। इसमें कर्मचारियों का कर्मचारी राज्य बीमा निगम में बीमा न होने की कमी भी पाई गई। बाद में सहायक श्रम आयुक्त कार्यालय से करीब डेढ़ लाख रुपये का चालान जमा करने का नोटिस दिया गया। इसके बाद शिवानी ने फर्म तो बंद कर दी, लेकिन तोमर द्वारा बार-बार परेशान किया जाता रहा है और केस के निपटारे के बदले 25 रुपये रिश्वत की मांग की गई थी। बता दें कि लोकायुक्त पुलिस की ओर से डीएसपी पीएस बघेल की अगुआई में सब इंस्पेक्टर सुनील उइके, राहुल गजभिये की टीम कार्रवाई के लिए पहुंची थी।

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