सहकारिता कर्मचारी हड़ताल पर

0

सहकारिता समिति के कर्मचारियों की विभिन्न मांगो को लेकर ६ मई से प्रारंभ अनिश्चितकालीन हड़ताल का समर्थन मूल्य पर की जा रही गेहूॅ, चना व सरसों की खरीदी पर खासा असर दिखाई दिया। किसान जहां बनाये गये खरीदी केन्द्र से बैरंग लोटे वही कुछ किसान अपनी उपज की जगवाली करते हुये दिखाई दिये। सहकारी समिति के कर्मचारियों द्वारा यह हड़ताल नियमिति करण व वेतन विसंगति को लेकर की जा रही है। इसके अलावा भी कुछ और मांगे है पुराने समय से ही शासन के द्वारा पूर्ण नही की गई है।

जब वे केन्द्र पहुॅचे तो पता चला कर्मचारी हड़ताल पर – प्रदीप

कृषक प्रदीप नगरगड़े ने पद्मेश को बताया कि वे कायदी से अपनी उपज बेचने आये मगर जब वे यहा अपनी उपज को लेकर पहुॅचे तो पता चला की कर्मचारी हड़ताल पर है। ऐसे में अगर हम फसल बापस लेकर जाते है तो हम पर परिवहन का अतिरिक्त भार पड़ेगा। ऐसे में हम खरीदी केन्द्र के निजि वेयर हॉऊस में रूककर ही अपनी फसल की रखवाली करेंगे। उन्होने बताया कि वे सरसो उपज बेचने आये थे मगर जब वे पहुॅचे तो कोई भी कर्मचारी केन्द्र में नही था।

हड़ताली कर्मचारियों की वजह से जगना पड़ेगा उपज को – धरमदास

इसी तरह कृषक धरमदास डहाके ने पद्मेश को बताया कि वे भी लिंगमारा से अपनी चना व सरसो की फ्सल को बेचने आये है। इस बार सरकार सरसों व चना की फसल में अच्छा दाम दे रही है। मगर सेवा सहकारी कर्मचारियों के हड़ताल पर रहने की वजह से उनकी फसल फिलहाल नही बिकी है। ऐसे में अब उन्हे यही रात्री विश्राम कर अपनी फसल की सुरक्षा में तैनात रहना पड़ेगा।

लंबित मांगो को लेकर की जा रही  हड़ताल – सतीश

सहकारी कर्मचारी भृत्य सतीश शंकर ऐटेकर ने पद्मेश को बताया कि हम लोग काफी वर्ष से नियमिति करण व उचित वेतनमान दिये जाने की मांग को लेकर हड़ताल कर रहे है। पूरे जिले सहित प्रदेश के सहकारी कर्मचारी इस हड़ताल में शामिल है। सिर्फ सोसायटी के प्रबंधक ही इस हड़ताल में शामिल नही हुये है। हम चाहते है कि शासन हमारी मांगो को मान ले वरना यह अनिश्ििचत कालीन हड़ताल उग्र आंदोलन में बदल जायेगी।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here