सहकारी समिति कर्मचारी गए अनिश्चितकालीन हड़ताल पर

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सहकारिता विभाग के समस्त कर्मचारियों को शासकीय कर्मचारियों की भर्ती वेतन दिए जाने की मांग को लेकर मध्य प्रदेश सहकारी समिति कर्मचारी महासंघ के आव्हान पर 23 मार्च से अनिश्चितकालीन हड़ताल प्रारंभ कर दिया गया है। 23 मार्च को भोपाल में सहकारिता मंत्री का घेराव किया गया, वही 24 मार्च को मुंडन संस्कार कर सरकार का विरोध जताते हुए अपनी मांग को पूरा करवाने आवाज बुलंद की गई। वही उसके बाद 25 मार्च से जिला स्तर पर बैठकर अनिश्चितकालीन हड़ताल किया जा रहा है।

बालाघाट मुख्यालय में जनपद पंचायत कार्यालय के समक्ष सहकारी समिति से जुड़े कर्मचारी मध्यप्रदेश सहकारी समिति कर्मचारी महासंघ के बैनर तले हड़ताल पर बैठे रहे और अपनी 1 सूत्रीय प्रमुख मांग शासकीय कर्मचारी के समान वेतन दिए जाने को लेकर आवाज बुलंद करते रहे।

आपको बताये कि सहकारी समिति से जुड़े कर्मचारियों के हड़ताल पर चले जाने के कारण जिले की समस्त सोसाइटिया एवं अधिकांश उचित मूल्य की दुकाने 3 दिनों से बंद है। जिसके कारण लोगों को राशन के लिए तथा किसानों को खाद बीज सहित अन्य आवश्यक कार्यों के लिए परेशान होना पड़ रहा है।

अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठे मध्यप्रदेश सहकारी समिति कर्मचारी महासंघ के जिला अध्यक्ष पी सी चौहान ने बताया कि पिछले वर्ष 4 फरवरी से 18 दिन तक लगातार हमारी हड़ताल चलती रही। हड़ताल चलने के पश्चात सरकार द्वारा गठित कमेटी द्वारा लिखित में दिया गया था 45 दिन में मांगों को पूरा किया जाएगा। लिखित में दिए जाने के कारण हमारे संगठन द्वारा हड़ताल को वापस ले लिया गया था, 1 वर्ष बीत जाने के बाद भी उस पर कोई परिणाम सामने नहीं आए जिसके चलते हमारे संगठन द्वारा अनिश्चितकालीन आंदोलन का शंखनाद किया गया है। 31 मार्च तक भी सकारात्मक परिणाम नहीं निकलता है तो 1 अप्रैल को प्रदेश में शंखनाद के साथ सीएम हाउस का घेरा होगा और सहकारिता से जुड़ा प्रदेश का सारा अमला वहां सामूहिक रूप से इस्तीफा देगा।

वही मध्य प्रदेश सहकारी समिति कर्मचारी महासंघ के प्रांतीय प्रतिनिधि दिनेश परिहार ने बताया कि यह विभाग सरकार की मंशा अनुसार अंतिम छोर के व्यक्ति तक शासन की योजना का लाभ पहुंचाता है हड़ताल के कारण पीडीएस के माध्यम से जनता तक अनाज पहुंचना बंद है। किसानों ने जो ऋण लिया था उसकी अदायगी की तारीख 28 मार्च है सरकार की हठधर्मिता के कारण किसानों एवं गरीब जनता को परेशान होना पड़ रहा है। इस हड़ताल के कारण जिले की 126 सोसाइटिया ही नहीं बल्कि पूरे प्रदेश भर की 5236 सोसाइटी और सभी राशन दुकान बंद है। जब तक हमारी मांग पूरी नहीं होगी हड़ताल चलती रहेगी, इस बार हमारा कर्मचारी कमर कसकर आंदोलन में बैठा है मांग पूरी नहीं हुई तो हमारा कर्मचारी 1 अप्रैल को सामूहिक इस्तीफा देगा।

एक ओर जहां सहकारी समिति से जुड़े कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने के कारण जिले की सहकारी सोसायटिया और राशन दुकाने बंद होने से आम जनता और किसानों को परेशान होना पड़ रहा है। वही सहकारीता विभाग एवं उप पंजीयक कार्यालय में कितनी सोसाइटी और राशन दुकाने बंद है इसकी जानकारी तक नहीं है। जिला सहकारी केंद्रीय बैंक में जाने पर यह जानकारी उप पंजीयक कार्यालय में मिलने की बात कही गई, वही जब उप पंजीयक कार्यालय में जाने पर पता किया गया तो वहां भी कितनी सोसाइटिया और कितनी राशन दुकाने बंद है इसकी कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है।

इसके संबंध में चर्चा करने पर उप पंजीयक कार्यालय में पदस्थ सहकारिता उपायुक्त हंसा टेम्भरे ने बताया कि जिले की 126 सहकारी समितियों के कर्मचारी 23 मार्च से हड़ताल पर गए हैं। कितनी सोसाइटिया बंद है उसके संबंध में जिन संस्थाओं द्वारा कार्यालय उप पंजीयक को जानकारी नहीं दी गई। वहां की दुकानों का प्रभार किसे दिया गया है जिला सहकारी केंद्रीय मर्यादित बैंक द्वारा समितियों के समस्त प्रबंधको को रासायनिक खाद व उचित मूल्य दुकानों की चाबी सौपने बाबद निर्देशित किया गया है। हमारे पास यह जानकारी इसलिए उपलब्ध नहीं है क्योंकि किसी के द्वारा जानकारी नहीं दी गई कितनी सोसाइटी और कितनी उचित मूल्य दुकाने बंद है।

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