आखिरकार सिंचाई विभाग ने मेहंदीवाड़ा स्थित गोटाटोल के पास से फूटी नहर की सुध सिंचाई विभाग ने ले ही ली है और इस क्षतिग्रस्त नहर का निर्माण शहीद भगत सिंह कंस्ट्रक्शनकटंगी के द्वारा करवाया जा रहा है। बीते २ माह पूर्व यह नहर अचानक नहर में ढूटी बांध से पानी छोडऩे के बाद एक साईड़ से इसकी दीवार फूट गई थी। जिसके कारण पूरा पानी नदी में गिरने व किसानों को उनकी फसल के लिये पानी न मिलने की वजह से हाहाकार हो गया था। ऐसे किसान जो सिर्फ नहर के पानी पर आश्रित थे उनकी फसल को काफी नुकसान हुआ था।
सुधार कार्य न होने से किसान नहर के पानी से थे वंचित
गौरतलब है कि इस खबर को बालाघाट एक्सप्रेस ने पूर्व समय प्रमुखता के साथ प्रकाशित किया था। जिस पर सिंचाई विभाग के एसडीओ ने आश्वासन दिया था कि नहर विभाग की शीघ्र ही मरम्मत करवाई जायेगी। मगर बीते २ माह से किसान नहर के पानी से वंचित थे। वे अन्य संसाधनो से अपनी पकती हुई फसल को बचाने का प्रयास कर रहे थे। विभाग की लेट लतीफी के चलते अब यह कार्य प्रारंभ हुआ है। जिसका ठेका भगत सिंह कंस्ट्रक्शन कंपनी कटंगी को मिला है। जिनके द्वारा १५ मार्च से कार्य प्रारंभ किया गया मगर एक बार फिर नहर प्रारंभ होने से अर्थवर्क में काफी परेशानी होने के कारण यह कार्य रूक गया। मगर पुन: यह कार्य ३१ मार्च से प्रारंभ हो गया है जिससे किसानों ने राहत की सांस ली है।
१ माह में पूर्ण हो जायेगा मरम्मती कार्य
बताया जा रहा है कि यह कार्य १ माह में पूर्ण होगा ऐसे में किसानो को नहर का पानी मई माह में ही मिल पायेगा। ऐसे में जिन किसानो ने समयावधि के बाद धान की फसल लगाई है उन्हे अपने ही संसाधनों से पानी की व्यवस्था करनी पड़ेगी।
अंगे्रजो के जमाने की है नहर
गौरतलब है कि यह नहर अंग्रेजो के जमाने की है जिसका उचित रखाव न होने की वजह से ही किसानों को नहर फूटने का खामियाजा भुगतना पड़ रहा है।
काली मिट्टी से होगा नहर का निर्माण
यहां यह भी बताना लाजमी है कि जिस स्थान से नहर फूटी थी उस स्थान के लिये संबंधित ठेकेदार द्वारा जो मिट्टी से नहर का निर्माण किया गया था वो मिट्टी काली मिट्टी थी जिसकी तलाश करने पर उक्त मिट्टी को लाकर इसका निर्माण कार्य प्रारंभ कर दिया गया है।
पुन: होगा लाईनिंग कार्य – दीपक
पद्मेश से चर्चा करते हुये कंपनी के सुपरवाईजर दीपक डहरवाल ने बताया कि हमारी कंपनी को इस कार्य का ठेका मिला है। हमने बीच में कार्य को प्रारंभ किया था मगर नहर छूटने की वजह से अर्थवर्क नही हो पाया। वही मौसम ने भी हमारा साथ नही दिया। अब कार्य प्रारंभ है जिसके तहत अर्थवर्क करवाया जा रहा है जिसके बाद बाऊंडीवाल का निर्माण किया जायेगा साथ ही पुन: लाईनिंग कार्य होगा ताकि क्षतिग्रस्त हिस्सा मजबूत रहे और किसानो को पानी मिल सके। लगभग इस कार्य में १ माह का समय लगेगा। मई माह में किसान को नहर छूटने पर आसानी से पानी मिल जायेगा।










































