हत्या के आरोपी सुनील ठाकरे को उम्रकैद की सजा

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पद्मेश न्यूज। वारासिवनी। वारासिवनी जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम रमरमा में शादी समारोह के दौरान हुए मामूली विवाद में एक व्यक्ति की जान लेने वाले आरोपी सुनील ठाकरे को न्यायालय ने कडी सजा सुनाई है। इसमें प्रथम अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश कमलेश मीणा की अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी को आजीवन कारावास उम्रकैद की सजा से दंडित किया है। इसमें बताया जा रहा है कि आरोपी ने डीजे के मामूली विवाद पर मारपीट कर विशाल ठाकरे की हत्या कर दी थी।

यह हैं मामला

थाना वारासिवनी के ग्राम रमरमा निवासी छतर गिरी के घर पुत्र का विवाह कार्यक्रम आयोजित था। जहां पर ९ मई २०२३ को रिसेप्शन कार्यक्रम आयोजित किया गया था। जिसमें शामिल होने के लिए विशाल पिता दिलीप ठाकरे, सुनील पिता रूपचंद ठाकरे उम्र ३१ वर्ष एवं अभिषेक राउत तीनो विवाह कार्यक्रम में गए हुए थे। इस विवाह समारोह के दौरान एक घटना हुई थी जहाँ डीजे पर गाना बजाने या नाचने जैसी मामूली बात को लेकर आरोपी सुनील ठाकरे एवं अभिषेक राउत के मध्य विवाद हो गया था। इस विवाद को लेकर ९ मई २०२३ की रात्रि करीब १०.३० बजे तीनों व्यक्ति रमरमा से कटंगी रोड़ पर धुर्वे राउत के मकान के पास विवाद कर रहे थे। जहां सुनील ठाकरे अभिषेक राउत को अश्लील गाली गलौज कर रहा था तभी विशाल पिता दिलीप ठाकरे के द्वारा मामले में बीच बचाव करते हुए सुनील ठाकरे को रोक.टोक की गई। अश्लील गाली देने से मना किया गया इसके बाद यह विवाद इतना बडा कि मारपीट की नौबत आ गई। जिसमें सुनील पिता रूपचंद ठाकरे के द्वारा बैल बांधने के खुट से विशाल पिता दिलीप ठाकरे से मारपीट प्रारंभ कर दी गई। जिसमें बैल बांधने के खुटे से बार.बार विशाल के सिर पर प्रहार कर गाली गलौज की गई। मौके पर विवाद की आवाज सुन धुर्वे राउत की पत्नी यशोदा राउत घर से बाहर आई और उसने देखा कि अभिषेक और सुनील का विवाद हो रहा है। तो वह अभिषेक राउत को बचाने अपने घर में लेकर आ गई इसके बाद घटना की जानकारी तत्काल डायल १०० और संजीवनी १०८ को दी गई। जिसके माध्यम से गंभीर घायल सुनील ठाकरे को अस्पताल में भर्ती कराया गया वहीं पुलिस के द्वारा जांच प्रारंभ कर दी गई थी।

गंभीर चोट बनी मौत का कारण

मारपीट के दौरान पीडि़त के सिर पर गंभीर चोटें आई थीं। उसे संजीवनी १०८ और पुलिस की मदद से सिविल अस्पताल वारासिवनी ले जाया गया। जहां से बेहतर उपचार के लिए बालाघाट और फिर वहां से नागपुर रिफ र कर दिया गया। लेकिन इलाज के दौरान ११ मई को उसकी मौत हो गई। वारासिवनी पुलिस ने थाना अंजनी जिला नागपुर की शून्य पर मर्ग में मर्ग क्रमांक ३९/२३ दंड प्रक्रिया संहिता की धारा १७४ के तहत अपराध दर्ज किया। मर्ग जांच एवं पीएम रिपोर्ट के आधार पर आईपीसी की धारा ३०२,२९४ के तहत मामला दर्ज कर आरोपी सुनील पिता रूपचंद ठाकरे उम्र ३१ वर्ष वार्ड नंबर १२ ग्राम रमरमा को गिरफ्तार किया और साक्ष्य जुटाकर न्यायालय में पेश किये।

न्यायालय ने इन धाराओं में सुनाया फैसला

प्रकरण में अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया जिसमें मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष से जिला सहायक अभियोजन अधिकारी संतोष लिल्हारे ने गवाहों और मेडिकल रिपोर्ट को आधार बनाकर दलीलें पेश कीं वहीं प्रकरण में १५ गवाह करवाए गए। जिसमें न्यायाधीश कमलेश मीणा ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद १८ मार्च को आरोपी सुनील ठाकरे को हत्या का दोषी पाया। उसे भादवि की धारा २९४ में दोष मुक्त कर भादवि की धारा ३०२ में आजीवन कारावास १००० रुपए के अर्थदंड एवं अर्थदंड जमा नहीं करने पर ४ माह का अतिरिक्त सश्रम कारावास की सजा सुनाई। इस सजा ने एक बार फि र यह संदेश दिया है कि क्षणिक आवेश या छोटे विवादों में कानून को हाथ में लेना भारी पड़ सकता है।

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