हनुमान जी के मुकुट की स्थापना का हुआ आयोजन

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दशहरे पर चौथे वर्ष स्वरूप धारण करेंगें दीपम शुक्ला, २८अक्टूबर को किशन भगत देंगे भजनों की प्रस्तुति

पद्मेश न्यूज। वारासिवनी। नगर के श्रीराम मंदिर में ११ अक्टूबर को मां अंजनी पुत्र सेवा दल वारासिवनी के तत्वावधान में भगवान हनुमान जी महाराज के स्वरूप की स्थापना विधि.विधान से की गई। इस अवसर पर पानीपत से लाए गए हनुमान जी के मुकुट की पूजा अर्चना कर स्थापना की गई। इसके बाद मां भगवती की स्थापना कर जवारे बोए गए और मनोकामना घट प्रज्वलित किया गया। विधि विधान से आरती पूजन के उपरांत ढोल.बाजे के साथ रैली निकाली गई, जो नगर की ग्राम देवी माता शीतला के दर्शन के लिए पहुंची। पूरे आयोजन में श्रद्धा और भक्ति का माहौल रहा। नगर के युवाओं के द्वारा गठित मां अंजनी पुत्र सेवा दल ने धार्मिक परंपरा को आगे बढ़ाते हुए दशहरे पर भगवान हनुमान जी का स्वरूप धारण कर चल समारोह में शामिल होने की पहल की है। इस वर्ष यह आयोजन चौथी बार किया जा रहा है। दशहरे के दिन नगर के दीपम शुक्ला हनुमान जी का स्वरूप धारण कर चल समारोह में शामिल होंगे जो श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहेगा। हनुमान जी का स्वरूप धारण करने के लिए दीपम शुक्ला द्वारा निर्धारित धार्मिक नियमों और ब्रह्मचर्य का पालन किया जा रहा है। उन्होंने गुरु पूर्णिमा से ही पाठ प्रारंभ कर दिया था। वहीं दशहरे से ४० दिन पूर्व नगर के विभिन्न मंदिरों में दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। इसके बाद से वे श्रीराम मंदिर में निवास कर तपस्या और धार्मिक अनुष्ठानों में संलग्न हैं। सेवा दल के सदस्यों के अनुसार इस परंपरा का उद्देश्य नगर में धार्मिक आस्था और भक्ति की भावना को प्रोत्साहित करना है। सेवा दल सदस्यों ने बताया कि हनुमान जी के स्वरूप की स्थापना के साथ मां भगवती की आराधना भी प्रारंभ की गई है। दशहरे के दिन हनुमान जी का स्वरूप चल समारोह में शामिल होगा। इसके अगले दिन श्रीराम मंदिर में राजतिलक कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। वहीं २८ अक्टूबर को जय स्तंभ चौक पर शाम के समय सुप्रसिद्ध भजन गायक किशन भगत के द्वारा भजनों की प्रस्तुति दी जाएगी। आयोजन को लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह है। स्थापना एवं पूजन कार्यक्रम के दौरान मां अंजनी पुत्र सेवा दल के पदाधिकारी और सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

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