होली को लेकर बाजार हुआ गुलज़ार,पर्व विशेष की तैयारिया जोरो पर

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पदमेश न्यूज,बालाघाट।रंगो के महापर्व होली को अब महज 2 दिन शेष बचे हैं।रंगों के इस पर्व को अनक़रीब देखते हुए जिला मुख्यालय सहित अन्य तहसीलों व ग्रामीण अंचलों में पर्व की तैयारियां शुरू हो चुकी है।पर्व विशेष पर नगर का बाजार एक बार फिर से गुलजार हो गया है।जहां विभिन्न प्रकार के रंग गुलाल तरह-तरह की पिचकारी, बताशे और गाठी मालाओं से दुकानें सजने लगी है।रंगों के इस त्यौहार पर 20% तक की महंगाई का असर साफ देखा जा रहा है। जहां होली में उपयोग आने वाली समस्त सामग्रियां पिछले वर्ष की तुलना में महंगी बेची जा रही है। इसकी प्रमुख वजह उत्पादन में कमी, ट्रांसपोर्टिंग और कच्चे मटेरियल का महंगा होना बताया जा रहा है। नगर के विभिन्न स्थानों में लगी यह दुकाने लोगों को अपनी ओर आकर्षित तो कर रही हैं लेकिन बताशे, गाँठिया माला रंग गुलाल पिचकारी सहित अन्य दुकानों में फिलहाल कारोबार में उम्मीद के मुताबिक उछाल नही आया है।स्थानीय दुकानदारों द्वारा पर्व के एक दिन पूर्व मार्केट में अच्छा उछाल आने की बात कही जा रही है। वही मुख्यालय के अलावा तहसील अंचलों में भी रंगो के इस पर्व की तैयारियां शुरू हो गई है। जहां इस पर्व विशेष पर तरह-तरह की दुकानें सज चुकी है। ज्ञात हो कि इस बार भी रंगों का महापर्व जिले भर में हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा। लेकिन होलिका दहन व धुरेडी की तारीखों को लेकर लोगो मे असमंजस्य से बना हुआ है।

ग्रहण के चलते ज्यादातर लोग 2 मार्च को करेंगे होलिका दहन
प्रतिवर्ष की तरह इस वर्ष भी जिले भर में होली का यहां पर्व, हर्षोल्लास, उमंग व उत्साह के साथ मनाया जाएगा। लेकिन इस पर्व को मानने को लेकर लोगों में असमंजस्य की स्थिति देखी जा रही है।जहां ग्रहण के चलते ज्यादातर लोगों द्वारा 2 मार्च को होली का दहन किए जाने की बात कही जा रही है, हालांकि कुछ लोगों द्वारा 3 मार्च की शाम को होलिका दहन करने की बात कही जा रही है। उधर आम लोगों के साथ-साथ स्थानीय व्यापारी भी तिथियो को लेकर असमंजस्य में नजर आ रहे हैं। बताया गया कि 2 मार्च को होलिका दहन के साथ इस पर्व की शुरुआत होगी। वही 3मार्च को जिले भर में धुरेड़ी पर्व मनाया जाएगा। जिले में इस पर्व की 5 दिनों तक रौकने देखने को मिलेगी।।

मुखौटों को लेकर बढा क्रेज
शहर का पूरा बाजार होली के दुकानों से सजा हुआ है। होली रंगों का त्योहार है, तो दुकानें भी रंग बिरंगी दिख रही हैं। जगह- जगह रंग बिरंगी पिचकारियों से दुकानें सजी हुई हैं। आकर्षक पिचकारी बच्चों को लुभा रही हैं। अलग-अलग कलर के लिए बच्चे क्रेजी नजर आ रहे हैं। तो वहीं दुकानदार भी पिछली बार से ज्यादा सुविधा अपने ग्राहकों को दे रहे हैं। और नए अंदाज में दुकानों को सजाए हुए हैं। होली के इस त्योहार में होली की स्पेशल सामग्री के साथ दुकान में बैठे व्यापारियों का मानना है कि अभी जितने ग्राहकों की उन्हें उम्मीद है उतने तो नहीं आ रहे हैं। लेकिन कल से ग्राहकी बढऩे की उम्मीद है।होली में रंग, पिचकारी के अलावा मुखौटों का क्रेज भी बहुत रहता है। होली के दिन ज्यादातर लोग अलग-अलग अंदाज में नजर आते हैं। बच्चों में मुखौटों को लेकर खासा क्रेज देखने को मिलता है। सुपरमैन, स्पाइडर मैन, छोटा भीम जैसे मुखौटों की मार्केट में खासा क्रेज है। बच्चे काफी पसंद कर रहे।

कई रंग के गुलाल
लाल, हरा, नीला व पीला गुलाल हमेशा से बाजार में बिकते आए हैं। इस बार नए रंग के गुलाल बाजार में उपलब्ध हैं। बैगनी, नारंगी, धानी आदि रंग के भी गुलाल आए है। दुकानदारों का कहना है कि अब ग्राहक नए रंग के गुलाल की मांग कर रहे हैं। उनकी मांग को ध्यान में रखकर नए रंग के गुलाल मंगाए गए हैं। इस बार हर्बल गुलाल ज्यादा मात्रा में मंगाए गए हैं।

चाइनीज पिचकारी बाजार से गायब
चाइनीज सामान लेने से लोग परहेज कर रहे हैं। यही वजह है कि बाजार से यह पिचकारी गायब है। इन पिचकारियों की कमी खलने वाली नहीं है। क्योंकि विभिन्न प्रकार की देशी पिचकारियां उपलब्ध हैं।स्थानीय दुकानदारों के अनुसार पिछले कई वर्षों से चायनीज पिचकारी की बिक्री काफी कम हो गई है।दुकान में जो एक्का दुक्का चायनीज आयटम पड़ा है वो काफी पुराना है। मांग नही होने के चलते दुकानदार भी चायनीज आयटम खरीदने से परहेज कर रहे है।

दुकानों में बज रहे होली और फाग गीत
होली के इस विशेष पर्व पर नगर में सजी दुकानों में अब होली और फाग के गीत बजने लगे हैं जहां दुकानदार होली के गाने बजा कर लोगों को इस पर्व विशेष पर बिकने वाली सामग्रियों के लिए आकर्षित कर रहे हैं।तो वही विभिन्न दुकानों में इस पर्व को लेकर विशेष आकर्षक छूट के पोस्टर भी चस्पा किए गए हैं

बाजार हुए गुलजार
इस दौरान बच्चों, बड़ों, युवतियों और महिलाओं के कपड़ों के साथ रंग-अबीर, कुर्ती-साड़ी, पिचकारी, होली गिफ्ट, मिठाई के साथ होली की रंग-बिरंगी भेषभूषा का बाजार सजने लगे हैं। जहा नगर की स्थाई और अस्थाई दुकानदारों ने रंग-बिरंगी कपड़ों की दुकानें सजानी शुरू कर दी।

गाँठिया माला कारोबार में आया आंशिक उछाल
होली के विशेष पर्व पर गाँठिया माला का अपना एक विशेष महत्व होता है जहां होलिका दहन में गाँठिया माला चढ़ाने का प्रचलन महाराष्ट्र की तरह अब बालाघाट में भी बढ़ गया है।जिसके चलते कुछ वर्षों के मुकाबले इस वर्ष गाँठिया माला की डिमांड अधिक बढ़ गई है जहां डिमांड को पूरी करने के लिए नगर में संचालित कारखानों में दिन-रात गाँठिया माला बनाने का कार्य शुरू है।बताया जा रहा है कि जिले सहित तहसील व ग्रामीण अंचलों में गाँठिया माला की डिमांड काफी बढ़ गई है जिसे पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है।फिलहाल गाँठिया माला के कारोबार में आशिक उछाल आया है।लेकिन रविवार को इसकी जमकर बिक्री होने की बात कही जा रही है।

होलिका दहन की तैयारी में जुटे लोग
बात अगर ग्रामीण अंचलों की करे तो ग्रामीण क्षेत्रों में होलिका दहन की तैयारी में लोग,पखवारे भर पहले से ही जुट गए हैं। सूखी लकड़ियों सहित झाड़-झंखाड़ जगह-जगह इकट्ठा किए जा रहे हैं। उधर, घरों में महिलाओं ने होलिका दहन के लिए गोबर की गूलरी कंडे बनाने भी शुरू कर दी हैं।ज्ञात हो कि पहले होलिका दहन से पूर्व, लकड़ी के इंतजाम के लिए युवक रात में कुल्हाड़ी लेकर निकलते थे और पेड़ों से लकड़ी काटकर लाते थे। दो-चार दिन में ही होलिका दहन स्थल पर हरी लकड़ियों का ढेर लग जाता था। इसके बाद बाजार से थोड़ी सूखी लकड़ी लाकर होलिका दहन होता था। वही गांवो में जिसके पेड़ होते थे, उनके मालिक पूरी रात जागकर उनकी सुरक्षा करते थे। बावजूद इसके भी युवाओं की टोलियां लकड़ी काटने में कामयाब हो जाती थीं, लेकिन अब ऐनवक्त पर आरा मशीनों से लकड़ियां खरीदकर लाई जाती हैं और होलिका दहन की रस्म निभाई जाती।

महंगाई बढ़ गई है,100 में से महज 5 ग्राहक कर रहे खरीदी- दिलीप चौरडिया
गुजरी परिसर में दुकान लगाकर बैठे दुकानदार दिलीप चौरडिया ने बताया कि पिछले 8 वर्षों से होली पर्व पर वे दुकान लगाते आ रहे हैं। मार्केट के अभी बुरे हाल है। हरवर्ष हम 1 दिन पहले दुकान लगाते थे इस बार 3 दिन पहले लगाए हैं, लोग बोल रहे हैं कि होलिका में ग्रहण है, होली 2 को भी जल सकती है और 3 को भी,इससे अभी मार्केट में उछाल नहीं आया है।अभी 100 में से महज 05 लोग ही होली की सामग्रियां खरीद रहे हैं। बाकी लोग देखते हैं, रेट पूछते हैं और चले जाते हैं। इस बार महंगाई भी काफी बढ़ गई है पिछले बार जो पिचकारी 20रु की आती थी वह इस बार 60रु की आ रही है, जो गुलाल 60रु किलो आता था, वह 90रु किलो में मिल रहा है, करीब 20% तक सभी सामग्री महंगी पड़ रही है। एक-दो दिनों में कारोबार में उछाल आने की संभावना बनी हुई है। यदि उछाल नहीं आया तो हमें इस वर्ष घाटा उठाना पड़ेगा।

गठिया माला महंगी है,रेट पूछकर वापस जा रहे ग्राहक- सोनी
वही गठिया माला की दुकान लगाकर बैठे दुकानदार श्री सोनी ने बताया कि वे करीब 15 20 वर्षों से होली पर्व पर गठिया माला की दुकान लगा रहे हैं। इस वर्ष मार्केट काफी ठंडा है,माल महंगा होने के चलते लोग काम खरीदारी कर रहे हैं, पहले 20रु पाव में माला बेच रहे थे, इस वर्ष इसके दाम बढ़ गए हैं, इसीलिए इस वर्ष 30 रु पाव बेचना पड़ रहा है। लेकिन ग्राहक पुराने रेट में ही गठिया माला खरीदने की मांग करते हैं। फिलहाल मार्केट में उठाव नहीं है, एक-दो दिन के भीतर इसमें जबरदस्त उठाव आने की संभावना है।

ज्यादातर लोग 2 मार्च को करेंगे होलिका दहन- दिलीप चौधरी
होली पर्व पर पर्व विशेष की सामग्री खरीदने पहुंचे सामाजिक कार्यकर्ता दिलीप चौधरी ने बताया कि वह होली को लेकर मार्केट में सामान खरीदने आए हैं इस वर्ष होलिका दहन को लेकर लोगों में बड़ा कंफ्यूजन है लेकिन ज्यादातर लोग 2 मार्च को ही होलिका दहन करेंगे, क्योंकि 3 मार्च को ग्रहण लग रहा है इसीलिए ज्यादातर लोग 4 मार्च को रंग गुलाल खेलेंगे और हर्षोल्लास के साथ यह त्यौहार मनाएंगे।

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