अफवाह से पेट्रोल पंपों पर उमड़ी भीड़, प्रशासन ने संभाली स्थिति,कलेक्टर-एसपी ने बताया पर्याप्त स्टॉक, बावजूद इसके दूसरे दिन भी नहीं थमी भीड़

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शहर में पेट्रोल खत्म होने की अफवाह ने अचानक अफरा-तफरी का माहौल पैदा कर दिया। 24 मार्च को रात करीब 11 बजे के बाद सोशल मीडिया और मोबाइल संदेशों के जरिए फैली खबर के चलते बड़ी संख्या में वाहन चालक पेट्रोल पंपों पर पहुंचने लगे। देखते ही देखते कई पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें लग गईं। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन हरकत में आया और कलेक्टर, एसपी, एसडीएम सहित खाद्य विभाग के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर लोगों को समझाइश दी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जिले में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी गैस का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और घबराने की कोई जरूरत नहीं है। इसके बावजूद अफवाह का असर इतना अधिक रहा कि लोगों ने बातों पर भरोसा नहीं किया और पेट्रोल भरवाने की होड़ मच गई। हालात को देखते हुए पुलिस द्वारा डायल 112 के माध्यम से मुनादी कराकर लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की गई। किन्तु फिर 25 मार्च की सुबह भी स्थिति पूरी तरह सामान्य नहीं हो पाई और पेट्रोल पंपों पर भीड़ देखने को मिली। अत्यधिक दबाव के चलते बस स्टैंड स्थित एक पेट्रोल पंप पर पेट्रोल का स्टॉक खत्म हो गया, जबकि अन्य पंप संचालकों ने भी सीमित समय तक ही आपूर्ति होने की बात कही।

महाराष्ट्र में पेट्रोल की कमी और पंप बंद होने की सोशल मीडिया पर फैली खबर का असर बालाघाट जिले में भी देखने को मिला। मंगलवार रात अचानक शहर सहित कोसमी और जिले के विभिन्न तहसीलों के पेट्रोल पंपों पर वाहन चालकों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। लोग दोपहिया-चौपहिया वाहनों के साथ-साथ हाथों में कैन और बोतल लेकर पेट्रोल लेने पहुंचने लगे, जिससे कई पंपों पर अफरा-तफरी जैसी स्थिति बन गई। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन को तत्काल सक्रिय होना पड़ा। कलेक्टर मृणाल मीणा, पुलिस अधीक्षक आदित्य मिश्रा, एसडीएम गोपाल सोनी और कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी सुनील किरार स्वयं मैदान में उतरे। उन्होंने पुलिस बल के साथ पेट्रोल पंपों का निरीक्षण किया और लोगों को समझाइश देते हुए स्पष्ट किया कि जिले में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी गैस का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है, इसलिए किसी भी प्रकार की घबराहट की आवश्यकता नहीं है।

रातभर लगी रही भीड़, मुनादी से किया जागरूक

प्रशासन द्वारा लोगों को जागरूक करने के लिए मुनादी भी कराई गई और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की गई। अधिकारियों की समझाइश के बाद कई लोग वापस लौटे, लेकिन इसके बावजूद देर रात तक पेट्रोल पंपों पर भीड़ बनी रही। ट्रांसपोर्ट व्यवसायी अनुराग सिंहासने ने बताया कि उन्हें मोबाइल पर पेट्रोल खत्म होने की सूचना मिली थी। अपने व्यवसाय को प्रभावित होने से बचाने के लिए वे कैन लेकर पेट्रोल लेने पहुंचे थे।

अगले दिन भी नहीं थमी भीड़

हालांकि प्रशासन की अपील का असर पूरी तरह नहीं दिखा और 25 मार्च की सुबह एक बार फिर बड़ी संख्या में लोग पेट्रोल पंपों पर पहुंच गए। सुबह से ही शहर के कई पंपों पर लंबी-लंबी कतारें लग गईं। अचानक बढ़ी मांग के कारण कुछ स्थानों पर पेट्रोल का स्टॉक अस्थायी रूप से समाप्त भी हो गया। बस स्टैंड स्थित रवि शंकर एंड कंपनी पेट्रोल पंप में दोपहर तक पेट्रोल खत्म हो गया, जबकि अन्य पंप संचालकों ने बताया कि उनके पास भी सीमित समय के लिए ही स्टॉक उपलब्ध है।

सप्लाई सिस्टम में बदलाव का असर

काली पुतली चौक स्थित एक पेट्रोल पंप के प्रबंधक ने बताया कि वर्तमान में पेट्रोल टैंकर मंगवाने की प्रक्रिया में बदलाव हुआ है। पहले टैंकर बिना अग्रिम भुगतान के आ जाते थे, लेकिन अब टैंकर मंगाने के लिए पहले ही 20 से 25 लाख रुपये तक की राशि जमा करनी पड़ती है। इस वजह से तत्काल सप्लाई मंगाने में कठिनाई हो रही है। हालांकि उन्होंने आश्वस्त किया कि जल्द ही स्थिति सामान्य हो जाएगी।

पेट्रोल पंपों पर पुलिस बल तैनात

पेट्रोल को लेकर फैली अफवाह के बाद जहां पेट्रोल पंपों पर भारी भीड़ उमड़ पड़ी, वहीं स्थिति को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन पूरी तरह सक्रिय नजर आया। मंगलवार 24 मार्च की रात से ही प्रशासन ने शहर के विभिन्न पेट्रोल पंपों पर सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल की तैनाती कर दी है। कलेक्टर मृणाल मीणा और पुलिस अधीक्षक आदित्य मिश्रा के निर्देश पर अलग-अलग पेट्रोल पंपों पर पुलिसकर्मियों को लगाया गया है, ताकि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था, धक्का-मुक्की और विवाद की स्थिति न बने। पुलिसकर्मी मौके पर मौजूद रहकर वाहन चालकों को कतारबद्ध तरीके से पेट्रोल भरवाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। साथ ही लोगों को समझाइश भी दी जा रही है कि वे धैर्य बनाए रखें और अनावश्यक भीड़ न करें।

प्रशासन का दावा नहीं है कोई कमी

कलेक्टर मृणाल मीणा और एसपी आदित्य मिश्रा ने स्पष्ट किया कि जिले में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी गैस की कोई कमी नहीं है। अफवाह के चलते ही यह स्थिति बनी है। प्रशासन ने कंट्रोल रूम भी स्थापित कर नंबर जारी किए हैं, ताकि लोग सही जानकारी प्राप्त कर सकें। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आवश्यकतानुसार ही ईंधन लें, ताकि अनावश्यक भीड़ और संकट की स्थिति से बचा जा सके।

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