HAL GE Aerospace F404 Engine Delivery: GE Aerospace ने HAL को F404-IN20 जेट इंजनों की नई खेप भेजी है। स्वदेशी लड़ाकू विमान तेजस Mk1A की तेज रफ्तार से भारतीय वायुसेना का आसमान में दबदबा और मजबूत होगा।Indian Air Force LCA Tejas Mk1A: भारतीय वायुसेना (IAF) के बेड़े को जल्द ही नई आक्रामक ताकत मिलने जा रही है। अमरीकी रक्षा कंपनी GE Aerospace ने सितंबर में भारत के स्वदेशी लड़ाकू विमान ‘तेजस’ (LCA Tejas Mk1A) के लिए चार F404-IN20 जेट इंजनों की आपूर्ति कर दी है। इंजनों की इस सप्लाई से हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) को अपने उत्पादन की गति बढ़ाने में बड़ी मदद मिलेगी, जिससे भारतीय वायुसेना के बेड़े में लड़ाकू विमानों की त्वरित तैनाती का रास्ता साफ हो जाएगा।
भारतीय वायुसेना की मारक क्षमता में इजाफा
‘तेजस Mk1A’ भारतीय वायुसेना का अत्याधुनिक, हल्का और बहुउद्देशीय (Multirole) स्वदेशी फाइटर जेट है। F404-IN20 इंजन मिलने से अब इन विमानों का असेंबली, टेस्टिंग और फाइनल डिलीवरी प्रोसेस बेहद तेज हो जाएगा। यह कदम सीमाओं पर भारत की वायु रक्षा (Air Defence) को अभेद्य बनाने और वायुसेना की स्क्वाड्रन ताकत को मजबूत करने में मील का पत्थर साबित होगा।
‘F404-IN20’ इंजन: तेजस को मिलेगी बेमिसाल रफ्तार
स्वदेशी फाइटर जेट तेजस को शक्ति देने वाला F404-IN20 इंजन लगभग 19,000 lbf का जबरदस्त थ्रस्ट पैदा करता है। यह इंजन तेजस को दुर्गम इलाकों, जैसे लद्दाख की ऊंची पहाड़ियों और रेगिस्तानी सीमाओं पर भी तेज गति, सटीक पैंतरेबाजी और आक्रामक हमला करने की बेजोड़ क्षमता प्रदान करता है।HAL की उत्पादन लाइन को नई रफ्तार
HAL ने भारतीय वायुसेना को 83 तेजस Mk1A फाइटर जेट्स देने का सौदा किया था। वैश्विक सप्लाई चेन की अड़चनों के कारण इंजनों की आपूर्ति में हो रही देरी अब दूर होती दिख रही है। अमरीकी कंपनी GE एयरोस्पेस द्वारा डिलीवरी का सिलसिला तेज करने से बेंगलुरु और नासिक स्थित HAL की मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स में नए विमान तैयार करने का काम गति पकड़ चुका है।
भारत-अमेरिका रक्षा साझेदारी और ‘आत्मनिर्भर भारत’
इंजनों की यह सफल खेप केवल तेजस प्रोग्राम के लिए ही नहीं, बल्कि भारत के ‘आत्मनिर्भर भारत’ मिशन के लिए भी बड़ी कामयाबी है। इसके साथ ही, भविष्य में तेजस Mk2 और AMCA (एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट) के लिए भारत में ही मिलकर F414 इंजनों के निर्माण की भारत-अमेरिका रणनीतिक योजना को भी मजबूती मिल रही है।







































