इंदौर के सोलंकी नगर में एक दिव्यांग युवती की मौत हो गई। बड़ी बहन और पिता ने आरोप लगाया कि धर्म परिवर्तन का दबाव बनाने के चलते वह डिप्रेशन में चल रही थी। बुधवार को वह अपने पिता को बुलाने की जिद कर रही थी। इसके बाद वह रात में रोते हुए सोई और फिर सुबह उठी ही नही। युवती की बड़ी बहन ने जिस व्यक्ति पर आरोप लगाया है, वो मृतका के पिता और किरायेदार पर अपनी बेटी से छेड़छाड़ का आरोप लगा चुका है। इस मामले के चलते मृतका के पिता एक माह से घर से बाहर रह रहे थे। पढ़िए कैसे शारीरिक दिव्यांग लड़की मौत से पहले लगाती रही पिता से मिलाने की गुहार…
पहले पढ़िए कैसे बनाया धर्मांतरण का दबाव
मामला विजय नगर इलाके का है। यहां सोलंकी नगर में गोपाल यादव अपने परिवार के साथ रहते हैं। उनकी तीन बेटी और एक बेटा है। गोपाल की दूसरे नंबर की बेटी काजल (24) की शुक्रवार सुबह मौत हो गई। गोपाल यादव और बड़ी बहन खुशबू ने आरोप लगाया कि घर के सामने रहने वाला व्यक्ति करीब चार साल से उन पर ईसाई धर्म अपनाने का दबाव बना रहा था। उन्होंने बात नहीं मानी तो एक माह पहले बेटी को पीड़िता बनाकर विजय नगर थाने भेज दिया। यहां गोपाल यादव और राजू बंसल पर छेड़छाड़ का केस दर्ज करा दिया।
थाने पर ले आए शव,पुलिस ने समझाइश देकर रवाना किया
शुक्रवार को काजल का परिवार उसका शव और अर्थी लेकर विजय नगर थाने पर पहुंचे थे। यहां धर्म परिवर्तन का आरोप लगाने वाले पर केस दर्ज कर उसकी गिरफ्तारी की मांग करने लगे। टीआई रविन्द्र गुर्जर ने उन्हें समझाइश दी और पहले अंतिम संस्कार करने के लिए कहा।
इलेक्ट्रिशियन का काम करते हैं गोपाल
गोपाल इलेक्ट्रिशियन का काम करते है। परिवार में सबसे बड़ी बेटी खुशबू है जो लाइफ इंश्योरेंस कंपनी में मैनेजर का काम करती है। इसके बाद काजल जो पैरों से ठीक से चल नही पाती थी। उसने 12वीं के बाद पढ़ाई छोड़ दी थी। तीसरे नंबर पर मुस्कान है, जो फर्स्ट ईयर की पढ़ाई कर रही है। वही एक छोटा भाई अश्विन है जो 4th क्लास में पढ़ रहा है। काजल की परेशानी के चलते बाकी के तीन भाई बहन उसका ध्यान रखते थे।
दिनभर पिता से मिलने की करती रही जिद
काजल का पिता गोपाल से काफी अटेचमेंट था। जब से पड़ोसी ने उनके खिलाफ छेड़छाड़ की शिकायत की थी, तभी से वह घर पर नहीं रुक रहे थे। करीब आठ दिनों से काजल बार-बार अपने पिता को याद कर रही थी। गुरुवार सुबह वह रोने लगी और पिता से मिलने की जिद की। दोपहर में परिवार ने जैसे-तैसे गोपाल को घर बुलाया और काजल से मिलाया था। जिसके बाद वह चले गए थे। रात में परिवार ने जैसे-तैसे उसे खाना खिलाया। लेकिन वह सुबह नही उठी।
अहिरवार समाज से सात साल पहले बना ईसाई
खुशबू ने जिस व्यक्ति पर धर्म परिवर्तन का आरोप लगाया है, उसकी दो बेटी, एक बेटा है। खुशबू के मुताबिक पड़ोसी पहले अहिरवार सरनेम लगाता था। लेकिन बाद में उसने परिवार सहित ईसाई धर्म अपना लिया। उसने अपना सरनेम बदलकर टोनेरे कर लिया। खुशबू ने बताया कि पहले वह नॉर्मल बातचीत के दौरान ईसाई धर्म अपनाने के लिए कहता था। लेकिन उन्होंने इस मामले में बात करना बंद कर दी तो वह यह कहकर धमकी देता था कि सभी को किसी ना किसी मामले में फंसाकर वह जेल भिजवा देगा। उसने प्लानिंग कर उनके किराएदार और पिता को झूठे केस में फंसा दिया।
घर के सामने अंडे और मीट फेंकने का आरोप
खुशबू ने बताया कि पड़ोसी आए दिन पूजा पाठ में भी विघ्न डालता था। उनके घर के सामने मीट और अंडे फेंकता था। जब भी घर में पूजा-आरती करते तो ईसाई धर्म के स्पीच लगा देता था। उनके मुताबिक पूरा परिवार बाहर नही निकलता था और ना ही आसपास के लोगों से बात करता था। उसने कई बार आर्थिक प्रलोभन भी दिया। पिछले एक साल से वह ज्यादा ही परेशान करने लगा था।









































