बीते 2 महीने से जिले के भीतर कोरोना महामारी के रफ्तार थमने के बाद एक बार फिर रविवार को दो मरीज मिलने के साथ ही स्वास्थ्य विभाग इसे कोरोना की संभावित चौथी लहर के रूप में देख रहा है। जिसे देखते हुए लोगों से प्रिकॉशन लोग लगाने सलाह दी जा रही है।
इसके विपरीत कोरोना महामारी संक्रमण से बचाव के लिए लगाए जाने वाले प्रिकॉशन डोज के आंकड़ों पर गौर किया जाए तो 60 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के लोगों ने प्रिकॉशन डोज लगाने में जितनी अधिक जागरूकता दिखाई उसकी तुलना में 18 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के लोग का आंकड़ा बहुत ही कम है।
जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ परेश उप्लव के अनुसार सेकंड डोज लगाने में जिस तरह लोगों ने जागरूकता दिखाई वैसी प्रिकॉशन डोज लगाने में लोग जागरूकता नहीं दिखा रहे हैं।
इसकी वजह शायद बीते कुछ महीने में कोरोना महामारी का संक्रमण कम होना भी बड़ा कारण है। लेकिन स्वास्थ्य विभाग लगातार लोगों से यही अपील करता है कि बीते दिनों के दौरान देश के दूसरे राज्यों में कोरोना संक्रमण की रफ्तार एक बार फिर बड़ी है। इसे देखते हुए लोग तय समय अनुसार अपना प्रिकॉशन डोज लगवा ले।
आपको बता दें कि पहला और दूसरा डोज लगाने के लिए जिस तरह की भीड़ और उत्साह लोगों के बीच दिखाई दे रहा था सच में प्रिकॉशन डोज लगाने में उतना ही लोग लापरवाह दिखाई दे रहे हैं।
शहर के एमएलबी स्कूल रोड स्थित दिव्यांग छात्रावास स्कूल में बीते कई दिनों से प्रिकॉशन डोज लगवाए जा रहे हैं। लेकिन यहां पर लोगों की उपस्थिति इस बात का प्रमाण दे रही है कि लोग प्रिकॉशन डोज लगाने में रुचि नहीं दिखा रहे हैं। नतीजा अधिकांश समय इस वैक्सीनेशन सेंटर में सन्नाटा पसरा रहता है रोजाना इक्का-दुक्का लोग प्रिकॉशन डोज लगाने पहुंचते हैं।









































