ग्वालियर में अब बिना वर्दी के नहीं घूम सकेंगे पुलिस के जवान, पिस्टल भी डाेरी से बांधकर रखना हाेगी

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सादा कपड़े और कमर पर पिस्टल लगाकर रौब गांठने वाले पुलिस जवान अब ड्यूटी नहीं कर सकेंगे। एसपी अमित सांघी का कहना है कि नामांकित कर्मचारियों को छोड़कर यदि किसी भी थाने का कर्मचारी सादा कपड़े में ड्यूटी करते हुए मिलता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। एसपी ने इस नियम का पालन कराने के लिए थाना पुलिस को आदेश भी जारी कर दिया है। अमूमन देखा गया है कि पीएचक्यू से थाने का स्क्वाड समाप्त कर दिया गया है। इसके बाद भी थाना प्रभारी से नजदीकी रखने वाले पुलिस जवान सादा कपड़ों में ड्यूटी करते और कमर में पिस्टल लगाकर रौब गांठते हैं। कप्तान ने आदेश जारी करते हुए कहा कि पुलिसकर्मी बिना ड्रेस के ड्यूटी नहीं करेगा और बिना डोरी के रिवॉल्वर कोई भी कर्मचारी नहीं लगाएगा। यदि किसी कर्मचारी की विशेष अपराध में पतारसी या सूचना संकलन में ड्यूटी लगानी है तो उसकी सूचना रोजनामचे में दी जाए। जिससे इसकी जानकारी थाना प्रभारी से लेकर आला अफसरों तक रहे।

नाबालिग के गर्भपात की मांगी थी अनुमति, 24 सप्ताह का गर्भ होने से मांग खारिजः हाई कोर्ट की एकलपीठ ने नाबालिग के पिता की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें नाबालिग बेटी के गर्भपात की अनुमति मांगी थी। नाबालिग को 24 सप्ताह का गर्भ है, जिसके चलते संभव नहीं है। मेडिकल बोर्ड ने भी इसकी अनुमति नहीं दी। भिंड में एक नाबालिग ने दुष्कर्म का केस दर्ज कराया था, लेकिन नाबालिग को 24 सप्ताह का गर्भ था। पिता ने हाई कोर्ट में याचिका दायर की और गर्भपात की अनुमति मांगी। पिता की ओर से तर्क दिया कि नाबालिग की बच्चे को जन्म देने की मानसिक स्थिति नहीं है। इस मांग पर कोर्ट ने मेडिकल बोर्ड बनाने के आदेश दिए। जांच में गर्भ 24 सप्ताह का था, जबकि गर्भपात की अनुमति 20 सप्ताह तक दी जा सकती है। कोर्ट ने इसी आधार पर याचिका खारिज कर दी।

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