छतरपुर की रेडियो कॉलोनी के पास शुक्रवार रात एक दुर्लभ सफेद बर्मीज अजगर मिला। वन विभाग को शक है कि इसे अवैध रूप से किसी घर में पाला गया था, जहां से यह भाग निकला। सुरक्षित रेस्क्यू के बाद सांप को मुकुंदपुर सफारी के रेप्टाइल एनक्लोजर में शिफ्ट कर दिया गया है। मालिक की तलाश जारी है।छतरपुर: जिले से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां की रेडियो कॉलोनी के बाहर शुक्रवार रात करीब 11 बजे एक दुर्लभ सफेद बर्मीज अजगर मिलने से हड़कंप मच गया। स्थानीय लोगों की सूचना पर वन विभाग और रेस्क्यू टीम ने तुरंत मौके पर पहुंचकर इस विदेशी मेहमान को सुरक्षित पकड़ लिया। वन विभाग के अधिकारियों का मानना है कि यह दुर्लभ सांप किसी घर में अवैध रूप से पाला जा रहा था, जहां से मौका पाकर यह बाहर निकल आया। फिलहाल, सांप को छतरपुर से निकालकर सतना जिले की मुकुंदपुर सफारी के रेप्टाइल एनक्लोजर में सुरक्षित भेज दिया गया है, जहां इसकी देखरेख की जा रही है।
कैसे हुआ रेस्क्यू?
शुक्रवार देर रात जब लोग अपने घरों के बाहर थे, तभी छतरपुर की रेडियो कॉलोनी के पास इस दुर्लभ सफेद अजगर को देखा गया। इलाके में विदेशी नस्ल के इस बड़े सांप को देखकर लोगों में दहशत फैल गई। तत्काल इसकी सूचना स्नेक रेस्क्यूअर को दी गई। मौके पर पहुंचे जाने-माने स्नेक रेस्क्यूअर आकाश राठौर ने सूझबूझ दिखाते हुए 16 अक्टूबर को इस भारी-भरकम अजगर को सुरक्षित पकड़ लिया और वन विभाग के सुपुर्द कर दिया।घर में पाले जाने की आशंका
मामले की जानकारी देते हुए छतरपुर के डिवीजनल फॉरेस्ट ऑफिसर ऋषि मिश्रा ने बताया कि यह एक बेहद दुर्लभ प्रजाति का सफेद बर्मीज पायथन है। प्राथमिक जांच और इसके व्यवहार को देखकर यह अंदेशा लगाया जा रहा है कि इसे किसी रिहायशी मकान में अवैध तौर पर पालतू बनाकर रखा गया था। डीएफओ के मुताबिक, विभाग अब इस बात की गहराई से जांच कर रहा है कि यह विदेशी प्रजाति का जीव छतरपुर कैसे पहुंचा और इसका असली मालिक कौन है।
अभी तक किसी ने नहीं किया दावा
वन विभाग के पास अभी तक इस दुर्लभ अजगर पर अपना अधिकार जताने या इसे खोने का दावा करने कोई भी सामने नहीं आया है। अधिकारियों का कहना है कि जब तक इस बात की पुष्टि नहीं हो जाती कि इसे कहां से लाया गया था, तब तक यह मुकुंदपुर सफारी की देखरेख में ही रहेगा। यदि कोई इसे अवैध रूप से पालने का दोषी पाया जाता है, तो वन्यजीव संरक्षण कानूनों के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।क्या होती है बर्मीज पायथन की विशेषता?
विशेषज्ञों के अनुसार, बर्मीज पायथन दुनिया के सबसे बड़े सांपों में गिने जाते हैं। मूल रूप से दक्षिण-पूर्व एशिया के जंगलों में पाए जाने वाले ये सांप गैर-विषैले होते हैं। यह अपने शिकार को डसने के बजाय उसे जकड़कर मारते हैं। भारत के प्राकृतिक जंगलों में इस सफेद रंग की दुर्लभ प्रजाति का पाया जाना और शहर के बीचों-बीच मिलना वन्यजीव प्रेमियों और विशेषज्ञों के बीच भी चर्चा का विषय बना हुआ है।






































