छिंदवाड़ा यूनिवर्सिटी में बहुत अधिक मात्रा में फेल हुए छात्र !

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छिंदवाड़ा विश्वविद्यालय द्वारा बीते दिनों जारी किए गए रिजल्ट के बाद से जिले की 13 शासकीय महाविद्यालय के छात्रों में बहुत अधिक आक्रोश व्याप्त है इसकी बड़ी वजह प्रत्येक महाविद्यालय में गिने-चुने छात्रों का पास होना और बाकी अन्य का फेल हो जाना है।

कुछ इसी तरह की परेशानी को लेकर शासकीय अरण्य भारती महाविद्यालय बैहर की छात्राएं कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंची और फेल होने का दर्द और दुखड़ा सुनाया और बताया कि अब यदि यही स्थिति बनी रही तो उनमें से अधिकांश छात्र हैं आगामी वर्ष में पढ़ाई नहीं कर पाएंगे।

बैहर महाविद्यालय में अध्ययनरत छात्रा काजल रंहगडाले बताती है कि एमए इकोनॉमिक्स की क्लास में 85 छात्र पढ़ाई कर रहे हैं जिनमें से मात्र 5 लोग पास हुए। बाकी अन्य को सप्लीमेंट्री आई या फिर फेक हो गए। ऐसा पहली बार हुआ है कि इतनी बड़ी मात्रा में किस क्लास में छात्र फेल हुए हैं।

बैहर कॉलेज से पहुंचे एक अन्य छात्रा पूजा टेमभरे बताती है कि उनके द्वारा बहुत बेहतर तरीके से पेपर दिया गया था बावजूद इसके बहुत से लोग फेल हो गए उसके बाद भी कॉलेज स्टाफ की ओर से कोई सपोर्ट नहीं मिल रहा नतीजा अब वे और उनके जैसी कई छात्राएं आगे की पढ़ाई नहीं करने की योजना बना रही है।

परीक्षा के बाद रिजल्ट के हालात को देखते हुए मैहर महाविद्यालय की एक छात्रा ने तो इस बात की मांग कर भी की नई नवेली छिंदवाड़ा यूनिवर्सिटी को बदल दिया जाए और पुरानी यूनिवर्सिटी रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय को ही बालाघाट को शामिल कर लिया जाए।

आपको बता दें कि 1 दिन पहले ही जिले के अग्रणी शिक्षण संस्थान जटाशंकर त्रिवेदी महाविद्यालय के छात्रों ने महाविद्यालय के परिसर बेहद खराब रिजल्ट जारी होने पर विरोध प्रदर्शन किया था। और महाविद्यालय के प्राचार्य से दोबारा कॉपी खुलवाने रिजल्ट दोबारा दिए जाने की मांग की थी। निश्चित ही छिंदवाड़ा विश्वविद्यालय द्वारा इतनी बड़ी मात्रा में छात्रों को फेल किया जाना कहीं ना कहीं छात्रों के भीतर आक्रोश का कारण बन रहा है। देखना अब यह है कि आगामी दिनों में छिंदवाड़ा विश्वविद्यालय द्वारा क्या रुख और क्या कदम उठाया जाता है।

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