जल्द हटाए जाएंगे जिले के समस्त बीआरसी

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शिक्षा विभाग में कुछ शिक्षकों को पढ़ाने से ज्यादा अफसरशाही में आंनद आता है। यही कारण है कि कई शिक्षक अपने मूल काम को छोड़कर प्रतिनियुक्ति पर चले गए हैं और वर्षों से वहीं पर जमे हुए हैं। ऐसा  ही मामला प्रदेश सहित जिले भर के जन शिक्षा केंद में भी देखा जा रहा है जहा सभी ब्लाकों में कार्यरत बीआरसी वर्षो से उसी पद पर जमे हुए है।लेकिन अब बरसो से एक ही पद में जमे बीआरसी को हटाने की प्रकिया शासन स्तर से शुरू कर दी गई है। जहा प्रदेश सहित जिले के भी समस्त बीआरसी को उनके पद से हटाकर नए बीआरसी को पदस्थ किया जाएगा।जिसके आदेश शासन द्वारा जारी कर दिए गए हैं ।वहीं बीआरसी पद के लिए नए आवेदन का नोटिफिकेशन जारी कर योग्य शिक्षक/ प्राचार्यो को 25 जुलाई तक आवेदन करने को कहा है। जहां स्कूटनी कर नए माह से नए बीआरसी की पदस्थापना कर दी जाएगी।जिसके तहत बालाघाट जिले में करीब 10 नए बीआरसी की पदस्थापना होगी। आपको बताएं की विभाग का एकादमिक कार्य करने के लिए करीब 8-10 साल पहले बीआरसी पद पर कुछ शिक्षकों को प्रतिनियुक्ति पर भेजा गया था, लेकिन प्रतिनियुक्ति अवधि समाप्त होने पर भी यह शिक्षक बीआरसी के पद पर जमे हुए हैं।
इसलिए नहीं छोड़ रहे कुर्सी…
दरअसल पूरा मामला कुर्सी का है। बीआरसी के पास निजी स्कूलों की मान्यता का मुख्य काम होता है। मान्यता के समय बीआरसी स्कूल का भौतिक सत्यापन करते हैं। इसके अलावा अपने क्षेत्र के सरकारी स्कूलों और शिक्षकों पर भी दबदबा बरकरार रहता है। शिक्षक से सीधे अफसरशाही का सम्मान मिलता है। शायद यही वजह है की स्वय होकर बीआरसी पद की कुर्सी नहीं छोड़ते।
जिले में एपीसी और बीआरसी के तीन-तीन पद रिक्त, कुल 13 पदों पर होगी भर्ती
शासन द्वारा जारी किए गए इस आदेश का असर जिले में वर्षों से जमे 07 बीआरसी पर पड़ेगा। जिन्हें हटाकर उन्हें उनकी मूल पद स्थापना (स्कूल) में पदस्थ किया जाएगा।तो वही तीन रिक्त पड़े बीआरसी के पद सहित सभी 10 ब्लाकों में नए बीआरसी की भर्ती की जाएगी। जहां बीआरसी के साथ-साथ 3 पद सहायक परियोजना समन्वयक (एपीसी )के भी भरे जाएंगे इस तरह जिले में कुल 13 पदों पर भर्ती की जाएगी।
हटाए जाएंगे ये बीआरसी
प्राप्त जानकारी के अनुसार इस माह के अंत तक जिले के समस्त बीआरसी पद पर पदस्थ अधिकारियों को हटाकर उनकी जगह पर नए अधिकारियों की भर्ती की जाएगी। जिसके अनुसार पिछले 8 वर्षों से भी अधिक समय से बालाघाट बीआरसी के पद पर पदस्थ नरेंद्र राणा और 4 वर्ष से भी अधिक के समय से पदस्थ खैरलांजी, के बीआरसी श्री नगपुरे,कटंगी के बीआरसी दर्पण गौतम, लालबर्रा के बीआरसी केजी बिसेन, लांजी के बीआरसी केएल बढगईया, बिरसा के बीआरसी हेमंत राणा, परसवाड़ा के बीआरसी हितेंद्र बघेल को भी हटा कर जगह उनकी जगह नए बीआरसी की भर्ती की जाएगी। इसके अलावा वारासिवनी, किरनापुर और बैहर ब्लाक में बीआरसी का पद रिक्त है। बीआरसी के इन तीन रिक्त पदों को भी भरा जाएगा। वही जिला शिक्षा केंद्र के अंतर्गत आने वाले सहायक परियोजना समन्वयक (एपीसी) के तीन रिक्त पदों की भी भर्ती की जाएगी। जिसके आदेश भी जारी कर दिए गए हैं। आपको बताएं कि केवल बालाघाट जिला ही नहीं बल्कि 4 वर्ष या उससे अधिक लंबे समय से बीआरसी के पद पर पदस्थ प्रदेश के समस्त बीआरसी को हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
4 वर्ष का कार्यकाल पूरा करने वाले बीआरसी के पद को रिक्त माना गया है- राणा
इस पूरे मामले को लेकर की गई चर्चा के दौरान बालाघाट बीआरसी नरेंद्र राणा ने बताया कि शासन के आदेशानुसार जहां के बीआरसी ने अपने कार्यकाल के 4 वर्ष पूरे कर लिए हैं ऐसे समस्त पद रिक्त माने गए हैं। जो भी बीआरसी और एपीसी का कार्य करने के इच्छुक हैं उनसे आवेदन इन पदों के लिए मंगाए गए हैं जिसमें माध्यमिक शाला के प्राचार्य, वरिष्ठ अध्यापक ,उच्च माध्यमिक शाला के व्याख्याता जिनकी उम्र 56 वर्ष से कम होगी वे आवेदन कर सकते हैं ।आदेशानुसार आवेदन करने की अंतिम तिथि 25 जुलाई रखी गई है। 3 अगस्त को उत्कृष्ट विद्यालय परीक्षा होगी जिसके बाद वरिष्ठता सूची बनेगी उसके बाद प्राथमिकता क्रम में पद नियुक्ति की जाएगी। वही वर्तमान में जो समस्त बीआरसी का कार्य कर रहे हैं।उनकी काउंसलिंग कर उन्हें स्कूलों में वापस भेजा जाएगा।

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