भारतीय फुटबॉल टीम के पूर्व कप्तान बाईचुंग भूटिया ने कहा है कि अगर वह अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (एआईएफएफ) के अध्यक्ष पद का चुनाव जीतते हैं तो सबसे पहले राज्य संघों को आर्थिक रूप से बेहतर बनाएंगे। भूटिया के अनुसार उनका लक्ष्य शीर्ष स्तर के खिलाड़ियों के साथ ही कोच भी तैयार करना रहेगा। दो सितंबर को होने वाले एआईएफएफ अध्यक्ष के लिए भूटिया और पूर्व गोलकीपर कल्याण चौबे के बीच मुकाबला है। पूर्व कप्तान ने यहां ईस्ट बंगाल के दौरे पर कहा, ‘बंगाल सहित हर राज्य संघ को विभिन्न स्तरों पर अपनी लीग आयोजित करने के लिए पैसे की आवश्यकता है। अभी एआईएफएफ को एफएसडीएल से 50 करोड़ रुपये मिलते हैं। केंद्र सरकार से 30 से 40 करोड़ रुपये मिलते हैं। हमें राज्य संघों को जमीनी स्तर पर फुटबॉल टूर्नामेंट और लीग का आयोजन करने के लिए आर्थिक सहायता देनी होगी।’ भूटिया के अनुसार उन्होंने इसके लिए बजट भी तैयार कर रखा है। पास पहले से ही बजट तैयार है।
भूटिया ने कहा, ‘अभी आधे राज्य संघों के पास अपनी लीग तक नहीं है , ऐसे में किस प्रकार से खिलाड़ी तैयार किये जाएंगे। साथ ही कहा कि यदि आप स्तरीय खिलाड़ी तैयार नहीं करते हैं तो आप विश्व कप में खेलने का सपना कैसे देखेंगे? इसलिए मेरी मुख्य प्राथमिकता सभी राज्यों की आर्थिक सहायता प्रदान करना है। वहीं बहुत सारे राज्य संघ परेशानी में हैं। आप केवल आदेश नहीं दे सकते, आपको उनकी सहायता करनी होगी। इस कोष के माध्यम से यह महत्वपूर्ण है कि आप कोच तैयार करें।’ भूटिया ने कहा कि वह कोलकाता के बिग थ्री मोहन बागान, ईस्ट बंगाल और मोहम्मडन स्पोर्टिंग में नई जान डालने के लिए एक ‘प्रणाली’ लाना चाहते हैं, जो अब अपनी पेशेवर आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए निवेशकों पर बहुत अधिक निर्भर हैं।









































