दो हफ्ते में मिलेगा ओमीक्रोन वेरिएंट का डेटा, ये कंपनियां कर रही नई वैक्सीन बनाने की तैयारी

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कोरोना वायरस के एक नए रूप ओमीक्रोन को लेकर पूरी दुनिया दहशत में है। अमेरिका के सबसे बड़े महामारी एक्सपर्ट व वायरोलॉजिस्ट डॉ. फाउची ने भी कहा कि कि ओमीक्रोन वेरिएंट तेजी से फैल सकता है और दुनिया में एक बार फिर लॉकडाउन लगाने जैसे हालात बन सकते हैं, इसलिए अभी से सतर्क रहने की जरूरत है। ओमीक्रोन वेरिएंट के खतरे के चलते शुक्रवार को दुनियाभर के शेयर बाजारों में गिरावट दर्ज की गई।

दो सप्ताह में आएगा ओमीक्रोन वेरिएंट से जुड़ा डेटा

फिलहाल कोरोना वायरस के नए ओमिक्रोन वेरिएंट को लेकर दुनियाभर के देशों के पास ज्यादा डेटा नहीं है और इसलिए ज्यादातर देश इस वेरिएंट को लेकर ज्यादा आशंकित है। जर्मन फार्मा कंपनी बायोएनटेक एसई के मुताबिक उसे दो हफ्ते में कोरोना के नए वेरिएंट के बारे में डेटा मिल जाएगा। जिसके जरिए यह पता चल सकेगा कि मौजूदा कोरोना वैक्सीन ओमिक्रोन वेरिएंट के खिलाफ काम कर रही है या नहीं। अभी तक वैज्ञानिकों ने यह संभावना जताई है कि ओमिक्रोन वेरिएंट मौजूदा वैक्सीन को मात दे सकता है

100 दिन में बना देंगे नई वैक्सीन

इधर फाइजर और बायोएनटेक कंपनी ने दावा किया है कि ताजा डेटा आने के बाद उसका विश्लेषण किया जाएगा और नया टीका 100 दिनों में तैयार हो जाएगा। बायोएनटेक ने कहा कि हम विशेषज्ञों की चिंताओं से अवगत हैं और हमने तत्काल कोरोना के नए वेरिएंट की जांच शुरू कर दी है। वहीं मॉडर्ना इंक ने कहा कि वह कोरोना के नए वेरिएंट को ध्यान में रखते हुए बूस्टर वैक्सीन बना रही है। यह अपने मौजूदा बूस्टर की उच्च खुराक का भी परीक्षण कर रहा है।

अभी तक इन देशों में मिले ओमीक्रोन वेरिएंट से संक्रमित

ओमीक्रोन कोरोना वायरस वेरिएंट को लेकर दुनियाभर में दहशत है। नीदरलैंड, डेनमार्क और ऑस्ट्रेलिया के बाद अब कनाडा में भी ओमीक्रोन वेरिएंट के मामले सामने आए हैं। भारत सरकार ने भी अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को लेकर समीक्षा शुरू कर दी है। शनिवार को सरकार ने उन देशों की सूची जारी की, जहां से ओमीक्रोन के यात्रियों के आने का खतरा अधिक है। इन देशों में दक्षिण अफ्रीका, चीन, बोत्सवाना, यूके, ब्राजील, इजराइल, बांग्लादेश, मॉरीशस, न्यूजीलैंड, जिम्बाब्वे, सिंगापुर और हांगकांग जैसे देश शामिल है। कनाडा में भी दो ओमिक्रोन संक्रमित मिले है और अब इस सूची में कनाडा को भी शामिल किया जा सकता है।

ओमिक्रोन को लेकर ऐसी है सरकार की तैयारी

– केंद्रीय गृह मंत्रालय ने बताया है कि सरकार ने अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के परीक्षण और निगरानी पर मानक संचालन प्रक्रिया की समीक्षा करने का फैसला किया है। यह विशेष रूप से जोखिम वाले देशों से आने वाले यात्रियों के लिए है। परीक्षण प्रोटोकॉल के लिए एयरपोर्ट स्वास्थ्य अधिकारियों और बंदरगाह स्वास्थ्य अधिकारियों को संवेदनशील बनाया जाएगा।

– केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को अलर्ट जारी कर दिया है। भूषण ने राज्य सरकारों को पत्र में लिखा है कि जोखिम भरे देशों के यात्रियों की स्क्रीनिंग और 14 दिनों के क्वारंटाइन के साथ-साथ राज्यों को ‘हॉटस्पॉट’ या उन क्षेत्रों पर नजर रखना जारी रखना चाहिए।

– केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने भारत आने पर ‘जोखिम भरे’ देशों से यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए RTPCR टेस्ट को अनिवार्य कर दिया है। मंत्रालय ने कहा कि उन्हें एयरपोर्ट छोड़ने या कनेक्टिंग फ्लाइट लेने से पहले परिणामों की प्रतीक्षा करने की भी आवश्यकता होगी।

– इधर हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने 31 दिसंबर तक COVID-19 प्रतिबंधों को बढ़ा दिया है। हरियाणा में भी ओमाइक्रोन वेरिएंट को देखते हुए नियमित रूप से स्थिति की निगरानी की जा रही है।

– तमिलनाडु के स्वास्थ्य सचिव राधाकृष्णन ने जिला कलेक्टरों को कोरोना वायरस के ओमिक्रॉन वेरिएंट के मद्देनजर अलर्ट रहने के लिए कहा है। वैक्सीनेशन अभियान में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं।

– उत्तर प्रदेश सरकार ने भी सभी एयरपोर्ट पर स्क्रीनिंग तेज कर दी गई है। लखनऊ के DM अभिषेक प्रकाश ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए मुफ्त RTPCR टेस्ट किया जा रहा है। उत्तर प्रदेश में 5 जिलों आगरा, प्रयागराज, वाराणसी, लखनऊ और कानपुर को हाई अलर्ट पर रखा गया है। जहां कोरोना गाइडलाइन का सख्ती से पालन किया जा रहा है।

– मध्यप्रदेश में भी मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राज्य में कोविड-19 की स्थिति को लेकर वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की और विदेश से आने वाले यात्रियों की जांच पर जोर दिया है। जीनोम सीक्वेंसिंग की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।

– उत्तराखंड के स्वास्थ्य सचिव डॉ. पंकज कुमार पांडेय ने सभी जिलाधिकारियों को कहा है कि ओमिक्रॉन वेरिएंट की आपात स्थिति को देखते हुए बाहर से आने वाले लोगों की सख्ती से जांच करें। ज्यादा से ज्यादा लोगों का सैंपल टेस्ट किया जाए।

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