जबलपुर लोकायुक्त पुलिस द्वारा किरनापुर जनपद पंचायत में पदस्थ पंचायत निरीक्षक छगनलाल बिसेन को मंगलवार की दोपहर 10 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया गया।
जानकारी के अनुसार किरनापुर जनपद पंचायत से 6 किलोमीटर दूर सिथत अकोला पंचायत के के रोजगार सहायक भोजलाल कोडापे द्वारा जनपद जनपद पंचायत के सीईओ से शिकायत की गई थी कि पंचायत के कार्य में पंचायत के सरपंच प्रमिला अनमोले के पति मोहपत अनमोले द्वारा अनावश्यक रूप में दखल अंदाजी की जाती है।
इस बात की जांच पंचायत निरीक्षक छगनलाल बिसेन द्वारा की गई थी लेकिन छगनलाल बिसेन द्वारा सरपंच पति के रसूख के सामने शिकायतकर्ता रोजगार सहायक भोजलाल कोडापे को ही आरोपी बनाते हुए झूठे प्रकरण में फंसा देने की धमकी देते हुए ₹15000 रिश्वत की मांग की गई जिसकी पहली किस्त मंगलवार को रोजगार सहायक भोजलाल लेकर गया इस दौरान जबलपुर लोकायुक्त पुलिस ने पंचायत निरीक्षक छगनलाल बिसेन को 10 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
जबलपुर लोकायुक्त पुलिस के निरीक्षक कमल सिंह उईके ने इस मामले में पूरी जानकारी दी और बताया कि शिकायतकर्ता द्वारा की गई शिकायत के आधार पर ही पंचायत निरीक्षक छगनलाल बिसेन को रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है।
आपको बता दें कि यह पहला प्रकरण नहीं जब छगनलाल बिसेन पर किसी तरह की कोई गंभीर आरोप लगे हो। छगनलाल बिसेन इसके पूर्व भी किरनापुर पंचायत में पदस्थ रह चुके हैं इस दौरान उनके ऊपर एक नाबालिक की नसबंदी कराने का आरोप लगा था हालांकि इस मामले की लंबी जांच चली थी।
इसके बाद वे बालाघाट जिले से बाहर डिंडोरी जिले में पदस्थ हुए और पुनः बालाघाट जिले में स्थापना हुई और स्थानांतरण होकर किरनापुर जनपद पंचायत आ गए और मंगलवार को लोकायुक्त पुलिस द्वारा की गई कार्यवाही में ₹10000 की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार हो गए।










































