त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए आरक्षण की प्रक्रिया सुप्रीम कोर्ट के आदेश मिलते ही मध्यप्रदेश सरकार के निर्देश होने पर ओबीसी आरक्षण के साथ बुधवार को उत्कृष्ट विद्यालय के परिसर में आरक्षण की प्रक्रिया संपन्न की गई।
पंचायत चुनाव के लिए आरक्षण की प्रक्रिया जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी विवेक कुमार के निर्देशन में पूरी की गई। यहां सभी जिला पंचायत सदस्य, जनपद अध्यक्ष, जनपद पंचायतों के सदस्य, सरपंच और पंच पदों के लिए आरक्षण की प्रक्रिया की गई।
आरक्षण की प्रक्रिया जिला पंचायत सदस्य, जनपद अध्यक्ष और जनपद सदस्य की आरक्षण प्रक्रिया उत्कृष्ट विद्यालय के सभागार में की गई वही सरपंच और पंचों के आरक्षण के लिए सभी जनपदों के अलग-अलग कक्ष बनाए गए थे जिनमें यह आरक्षण की प्रक्रिया सुचारू रूप से कराई गई। इस पूरी आरक्षण प्रक्रिया के दौरान कहीं पर भी विवाद जैसी स्थिति निर्मित नहीं हुई, सिर्फ जिला पंचायत सदस्य एवं बीडीसी के आरक्षण के लिए दोनों मिलाकर करीब आधा दर्जन आपत्तिया लगना बताया जा रहा है।
बालाघाट जिले के 10 जनपदों के अध्यक्ष पदों के आरक्षण की प्रक्रिया की गई जिसमें अनारक्षित एवं एसटी वर्ग के लिए चार-चार सीटें आरक्षित की गई तथा अनुसूचित जाति और ओबीसी वर्ग के लिए एक-एक सीट आरक्षित की गई। लालबर्रा जनपद अनुसूचित जाति महिला के लिए तथा खैरलांजी ओबीसी महिला के लिए आरक्षित की गई। वारासिवनी एवं बैहर जनपद अनुसूचित जनजाति महिला के लिए तथा लांजी जनपद अनारक्षित महिला के लिए आरक्षित की गई।
इसी प्रकार परसवाड़ा एवं बिरसा जनपद अनुसूचित जनजाति के लिए मुक्त रखा गया है तथा बालाघाट, किरनापुर एवं कटंगी जनपद को अनारक्षित के लिए मुक्त रखा गया है।
वार्ड आरक्षण की प्रक्रिया को लेकर कुछ लोग काफी नाराज दिखाई दिए। उनका कहना था कि वर्ष 2021 में जो आरक्षण था उसमें 1 वर्ष बाद ही परिवर्तन कर दिया गया है जिससे उनके पूरे समीकरण ही बदल गए हैं। जिसको लेकर उनके द्वारा आपत्ति लगा दी गई है।
इस पूरी आरक्षण प्रक्रिया के संबंध में जानकारी देते हुए जिला पंचायत सीईओ विवेक कुमार ने बताया कि यहां आरक्षण प्रक्रिया अच्छे से संपन्न हुई। जितने भी पंचायतें हैं उनके सरपंच व वार्डो का आरक्षण था आरक्षण के लिए ब्लॉक की टीमें लगी थी, जनपद पंचायत अध्यक्ष, जनपद सदस्य और जिला पंचायत सदस्यों का आरक्षण सभी को शांतिपूर्वक संपन्न किया है।










































