बालाघाट।
परसवाड़ा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम कुमनगांव से अरंडिया रोड के बीच जंगल में मिले 60 वर्षीय वृद्ध कैलाश गिरी की हत्या का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। यह हत्या किसी बाहरी व्यक्ति ने नहीं, बल्कि मृतक के ही दो दामादों द्वारा आपसी रंजिश के चलते साजिशपूर्वक की गई थी। परसवाड़ा पुलिस ने महज तीन दिनों के भीतर इस अंधे हत्याकांड का पर्दाफाश करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।गिरफ्तार आरोपियों में अशोक गिरी 30 वर्ष ग्राम डोंगरिया, थाना परसवाड़ा एवं रुस्तम गिरी 37 वर्ष ग्राम समसवाड़ा, जिला छिंदवाड़ा निवासी है।दोनों आरोपियों को पुलिस अभिरक्षा में गहन पूछताछ की जा रही है।
बेटी के घर डोंगरिया आया था कैलाश पुरी
प्राप्त जानकारी के अनुसार मृतक कैलाश गिरी, निवासी नंगाटोला ग्राम नेवरगांव (थाना वारासिवनी) मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करता था। उसके परिवार में दो पुत्र और चार पुत्रियां हैं, जिनका विवाह हो चुका है। कैलाश गिरी झाड़-फूंक का कार्य भी करता था।उसकी एक पुत्री रीता गिरी का विवाह ग्राम डोंगरिया (परसवाड़ा) निवासी अशोक गिरी से हुआ था। 28 जनवरी को कैलाश गिरी अपनी बेटी के घर ग्राम डोंगरिया मेहमानी में आया था, जहां वह लगभग दो दिन रुका।
घर लौटते समय हुआ लापता
28 जनवरी की शाम करीब 6 बजे, कैलाश गिरी अपनी पुत्री के घर से अपने गांव नंगाटोला, नेवरगांव लौटने के लिए निकला था। ज्ञात हो कि है कि परसवाड़ा क्षेत्र से शाम के समय लामता या वारासिवनी की ओर जाने के लिए कोई नियमित परिवहन सुविधा उपलब्ध नहीं रहती।इसके बावजूद उसका अकेले जंगल मार्ग से निकलना प्रारंभ से ही संदेह के घेरे में था।
जंगल में मिला शव, दामाद ने की पहचान
3 फरवरी की शाम कुमनगांव और अरंडिया के बीच जंगल मार्ग में एक अज्ञात व्यक्ति का शव देखा गया। सूचना मिलने पर मृतक की पहचान उसके दामाद अशोक गिरी द्वारा कैलाश गिरी के रूप में की गई।
4 फरवरी को एसडीओपी अरविंद शाह, उप निरीक्षक घुड़नलाल अहिरवार सहित पुलिस बल मौके पर पहुंचा। वहीं जिला मुख्यालय से एफएसएल अधिकारी गौतमा मेश्राम, उप निरीक्षक मनोज तरवरे एवं फोटोग्राफर लोकेश चौकसे द्वारा घटनास्थल का सूक्ष्म निरीक्षण किया गया। शव पंचनामा के बाद पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंपा गया।
अशोक ने साडू भाई के साथ की हत्या
शव की स्थिति को देखते हुए प्रारंभ से ही हत्या की आशंका जताई जा रही थी। परसवाड़ा पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले को गंभीरता से लेते हुए सभी पहलुओं पर जांच, पूछताछ एवं साक्ष्य संकलन की कार्रवाई शुरू की। पोस्टमार्टम रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद अज्ञात आरोपी के विरुद्ध हत्या का अपराध दर्ज किया गया।जांच के दौरान संदेह के आधार पर अशोक गिरी को पुलिस अभिरक्षा में लेकर पूछताछ की गई, जहां उसने अपने साढ़ू भाई रुस्तम गिरी के साथ मिलकर अपने ससुर कैलाश गिरी की हत्या करना स्वीकार किया।
खाने-पीने के विवाद में रची हत्या की साजिश
आरोपियों ने बताया कि कैलाश गिरी और अशोक गिरी के बीच किसी बात को लेकर पहले से रंजिश चली आ रही थी। घटना के दिन 30 जनवरी को अशोक गिरी के घर मुर्गा की सब्जी बनी थी। शाम करीब 6 बजे खाने-पीने को लेकर कैलाश गिरी से विवाद हो गया, जिससे नाराज होकर वह थैला उठाकर अपने गांव जाने के लिए निकल पड़ा।इसी दौरान अशोक गिरी अपने साढ़ू भाई रुस्तम गिरी के साथ मोटरसाइकिल से उसका पीछा करते हुए कुमनगांव-अरंडिया के बीच जंगल की पगडंडी पर पहुंचे। जहां उन्होंने कैलाश गिरी के साथ मारपीट की और गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। हत्या के बाद शव को झाड़ियों में फेंक दिया गया और मृतक के थैले को ग्राम डोंगरिया के श्मशान घाट में जला दिया गया।
गिरफ्तार दोनों आरोपी पुलिस रिमांड पर-
परसवाड़ा पुलिस ने गिरफ्तार दोनों आरोपी अशोक गिरी और रुस्तम गिरी को बैहर की अदालत में पेश कर दिए जहा से उन्हें पुलिस रिमांड पर लिया है हत्या में प्रयुक्त साधनों की बरामदगी सहित आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।








































