फिर एक बार बाघ का आतंक क्षेत्र में देखा जा रहा है। जिसकी वजह से सबसे भयभीत जंगल किनारे रहने वाले लोग व जिनकी खेती है वे काफी दहशत में नजर आ रहे है। बीते दिवस बाघ ने धानीटोला बुदबुदा में अपना आश्रय बना लिया है। जहां उसके द्वारा वन्य प्राणी चीतल का शिकार किया गया है। जिसको देखते हुये किसानों ने अपने मवेशी घर के भीतर बांधना प्रारंभ कर दिया है वही खेती कार्य में झुंड बनाकर व लकड़ी लेकर जा रहे है।
उनके खेत में ही किया था शिकार – रामू पंचेश्वर
पद्मेश को जानकारी देते हुये धानीटोला के कृषक रामू पंचेश्वर ने बताया की उनके खेत की यह घटना है जहां बाघ ने शिकार किया है। आलम यह है की अभी हम लोग रबी की फसल की बुआई कर रहे है। जिसमें बनिहारों की जरूरत पड़ती है मगर बाघ की आमद होने से बनिहार आने से हमारे खेतों में कतरा रही है। वही जो आती है वो शाम को ५ बजे ही अपने घर चले जाती है। हम लोग भी शाम को ५ बजे अपने मवेशियों को लेकर घर रवाना हो जाते है। ऐसे में हमारा खेती कार्य काफी प्रभावित हो रहा है। हम वन विभाग से यह अपील करते है की उक्त बाघ को पकड़कर अन्यत्र जंगल में छोड़ा जाये।
बाघ की दहशत से खेती कार्य प्रभावित – परमानंद कावरे
इसी तरह परमानंद कावरे ने पद्मेश को बताया की उसका खेत भी पंचेश्वर के खेत से लगा हुआ है। हम लोग पहले सुबह ६ बजे खेती कार्य के लिये अपने अपने खेत आ जाते थे। मगर जब से बाघ ने दस्तक दी है हम लोग ९-१० बजे के करीब आ रहे है। वही शाम को जल्द ही अपने अपने घर चले जाते है। पहले जो कार्य हम लोग १२ घंटे तक करते थे अब मात्र ६ से ७ घंटे ही कर रहे है। यह समय हमारी रबी की फसल की लिये काफी महत्वपूर्ण है। मगर बाघ की दहशत के चलते हम लोग काफी परेशानी में है। वही वन विभाग भी इस और ध्यान नही दे रहा है। बीते २ -३ दिनों से बाघ हमारे ग्राम के आसपास ही घूम रहा है। जिसे कई लोगों ने देखा है।
वन अमले को कर दिया है एक्टिव – हर्षित सक्सेना
इस मामले में वन परिक्षेत्राधिकारी हर्षित सक्सेना ने पद्मेश को दूरभाष पर बताया की हमने अपने वन अमले को धानीटोला बुदाबुदा तरफ एक्टिव कर दिया है। अमले को रात्री में गस्त करने के आदेश भी दिये गये है। हमे ग्रामीणों की सुरक्षा के साथ उनके मवेशी व बाघ की सुरक्षा भी देखनी है ताकि कोई शिकारी बाघ का शिकार न कर सके। श्री सक्सेना ने बताया की बाघ ने हिरण का शिकार किया था जिसकी सूचना उन्हे मिली थी हमने तुरंत मौके पर अपने अमले को भेजकर आवश्यक कार्यवाही की और तुरंत ही हिरन के शव को जलवा दिया था।










































