Scindia Property: ग्वालियर के सिंधिया राजपरिवार का संपत्ति समझौता अब विवादों में घिर गया है। महाराजा जीवाजीराव सिंधिया की नातिन प्रतिमा राणा ने जिला न्यायालय में आवेदन देकर आरोप लगाया है कि उन्हें समझौते में उनका हक नहीं दिया जा रहा है और दबाव बनाकर हस्ताक्षर कराए गए हैं। उन्होंने संपत्ति में 10% हिस्से की मांग की है।ग्वालियर: सिंधिया राजपरिवार की संपत्तियों का पारिवारिक समझौता अब गंभीर कानूनी उलझनों में फंस गया है। महाराजा जीवाजीराव सिंधिया की नातिन और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की फुफेरी बहन प्रतिमा राणा ने जिला न्यायालय में एक आवेदन पेश किया है। इस आवेदन में उन्होंने परिवार के अन्य सदस्यों पर उनका हिस्सा हड़पने की कोशिश करने और समझौते की शर्तें छिपाने का गंभीर आरोप लगाया है।
क्या हैं मुख्य आरोप और कैसे हुआ विवाद?
न्यायालय में दिए गए आवेदन के अनुसार, प्रतिमा राणा (जो सिंधिया राजपरिवार की सबसे बड़ी पुत्री पद्मा राजे की बेटी हैं) ने दावा किया है कि उन्हें इस पूरे पारिवारिक समझौते में केवल एक छोटा सा अंश मिलने की आशंका है। उनका कहना है कि इस संपत्ति में उनका और उनके पारिवारिक समूह का वैध रूप से 10% हिस्सा बनता है। प्रतिमा राणा ने आरोप लगाया कि बार-बार मांगने के बावजूद उन्हें समझौते की कॉपी नहीं दी गई।होटल में बुलाकर दबाव में साइन कराने का दावा
प्रतिमा राणा ने अपनी शिकायत में बताया कि उन्हें बीते 24 जून को नेपाल से विशेष रूप से दिल्ली बुलाया गया था। अगले दिन यानी 25 जून को उन्हें दिल्ली के ताज मानसिंह होटल ले जाया गया, जहां उन्हें समझौता दस्तावेज पढ़ने तक का मौका नहीं दिया गया। उनका आरोप है कि उन पर दबाव बनाया गया और गलत जानकारी देकर कागजातों पर हस्ताक्षर करा लिए गए। इसे उन्होंने भारतीय संविदा अधिनियम की धारा 17 के तहत धोखाधड़ी करार दिया है।
कोर्ट से की गई है यह खास मांग
इस पूरे घटनाक्रम के सामने आने के बाद प्रतिमा राणा ने अदालत से स्पष्ट रूप से आग्रह किया है कि जब तक उनकी सभी आपत्तियों और दावों का पूरी तरह से निपटारा नहीं हो जाता, तब तक इस समझौते के आधार पर कोर्ट से कोई फाइनल डिक्री जारी न की जाए। उन्होंने यह भी कहा है कि वे ऐसे किसी भी न्यायसंगत समझौते पर विचार करने के लिए तैयार हैं जिसमें उन्हें उनका बनता हुआ 10% हिस्सा मिल सके।क्या है सिंधिया राजघराना विवाद?
गौरतलब है कि केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, उनकी बुआ ऊषा राजे और वसुंधरा राजे सहित परिवार के अन्य सदस्यों ने आपसी पारिवारिक समझौते के आधार पर पुराने मुकदमों को खत्म करने के लिए जिला न्यायालय में आवेदन दिए थे। अब परिवार की ही एक सदस्य द्वारा उठाए गए इन नए सवालों और आरोपों के बाद इस हाई-प्रोफाइल संपत्ति विवाद के और तूल पकड़ने की पूरी संभावना बन गई है। फिलहाल इस मामले पर अदालत में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।








































