वैश्विक अर्थव्यवस्था में मंदी के बादल और गहराने लगे हैं। कई अर्थशास्त्री दुनिया में जल्द मंदी आने की भविष्यवाणी कर चुके हैं। अब मंदी की आशंका व्यक्त करने वालों में जेपी मॉर्गन चेस एंड कंपनी के मुख्य कार्यकारी जेमी डिमोन का नाम भी जुड़ गया है। डिमोन ने कहा है कि अमेरिका और वैश्विक अर्थव्यवस्था अगले साल के मध्य तक मंदी के चक्र में होगी। तेजी से बढ़ती मुद्रास्फीति, ब्याज दरों में बढ़ोतरी, यूक्रेन पर रूसी आक्रमण और फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति संभावित मंदी के संकेत दे रहे हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार डिमोन ने बताया कि ये चीजें बहुत गंभीर हैं। इससे अमेरिकी और वैश्विक अर्थव्यवस्था को धक्का लग सकता है। यूरोप पहले से ही मंदी से घिरा है। अब से 6 से 9 महीने बाद अमेरिका भी मंदी के भंवर में फंस सकता है। अमेरिकी शेयर बाजार में अभी और गिरावट आ सकती है। उन्होंने कहा कि एसएंडपी 500 अपने वर्तमान स्तर से आसानी से 20 फीसदी और लुढ़क सकता है। यह गिरावट इसमें पहले आई 20 फीसदी गिरावट से ज्यादा पीड़ादायक होगी। गौरतलब है कि इस साल की शुरुआत में ही जेमी डिमोन ने निवेशकों से आर्थिक चक्रवात का सामना करने को तैयार रहने को कहा था। जेपी मॉर्गन इनवेस्टमेंट बैंक ने जुलाई में शेयर बायबैक करने बंद कर दिए थे। इस साल जून में गोल्डमैन सॉक्स ने भविष्यवाणी की थी कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था के अगले साल मंदी की चपेट में आने की 30 फीसदी संभावना है, जबकि मॉर्गन स्टेनली के अर्थशास्त्रियों ने अगले 12 महीनों के लिए मंदी आने की 35 फीसदी संभावना जताई है. विश्व बैंक के अध्यक्ष डेविड मलपास और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष की प्रबंध निदेशक क्रिस्टालिना जॉर्जिवा ने भी आशंका व्यक्त कर चुके हैं कि वैश्विक मंदी का जोखिम बढ़ता ही जा रहा है।










































