पदमेश न्यूज़,बालाघाट। जिले की विशेष बैगा जनजाति के उत्थान के लिए शासन प्रशासन द्वारा कई वर्षों से अनेक योजनाओं का संचालन किया जा रहा है जिसके माध्यम से शासन प्रशासन के जिम्मेदार लोग बैगाओ के उत्थान करने और उनके जनजीवन को ऊपर उठाने का जहां-तहां ढिंढोरा पीटते नजर आते हैं लेकिन शासन प्रशासन द्वारा बैगों के उत्थान के लिए चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं की जमीनी हकीकत कुछ और ही है ।आज भी ऐसे कई बैगा बाहुल्य क्षेत्र है जहां की विशेष जनजाती के लोगों का जीवन मूलभूत सुविधाओं के अभाव में बीत रहा है।जहा आज भी सड़क बिजली पानी सहित अन्य मूलभूत सुविधाओं से वे मेंहरूम हैं। जी हां हम बात कर रहे है बैहर विधानसभा क्षेत्र के बिरसा जनपद पंचायत अंतर्गत आने वाले बैगा बाहुल्य गाँव दुल्हापुर के बटरंगा की जहां के आदिवासी बैगा जहां एक ओर मूलभूत सुविधाओं को तरस रहे हैं तो वहीं दूसरी ओर आजादी के 79 वर्ष बीत जाने के बाद भी गांव के लोगों को सड़क बिजली पानी,की उचित सुविधाएं नही मिल पा रही है इसके अलावा गांव में स्थित आंगनबाड़ी और स्कूल का लाभ भी उनके बच्चों को नही मिल पा रहा है।जिसपर एतराज जताते हुए स्थानीय ग्रामीणों ने व्यवस्था में सुधार किए जाने सहित ग्रामीणों को मूलभूत सुविधाए दिए जाने की मांग की है।
शिक्षा के लिए भी करनी पड़ रही जद्दोजहद
केन्द्र एवं प्रदेश सरकार द्वारा बैगा जनजाति के नाम से अनेकों योजनाएं चलाई जा रही है, लेकिन जवाबदारों की उदासीनता कहें या उनकी लापरवाही से आज भी बैगा जनजातियों के गांवों में योजना पहुंच नहीं पाईं है, जिसकी एक झलक बालाघाट जिले के जनपद पंचायत बिरसा के ग्राम पंचायत दुल्हापुर के बटरंगा गांव में देखने को मिल रही है, जहां निवासरत लोग आज भी अपनी सड़क पानी और शिक्षा जैसे मुलभूत सुविधाओं के अभाव में जीवन यापन करने को मजबूर हैं। कहने को तो आजादी के 79 वर्ष गुजर गए लेकिन बटरंगा गांव के लोग सड़क, पानी, और शिक्षा के लिए जद्दोजहद करते नजर आ रहे हैं,
इन सुविधाओं की दरकार
ग्रामीणों ने बताया कि गांव में प्राथमिक विद्यालय और एक आंगनबाड़ी केंद्र है, लेकिन आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सप्ताह में एक दिन आतीं हैं और शिक्षक स्कूल तो आंतें है लेकिन 3 बजे ही स्कूल बंद कर चले जाते हैं। गांव तक पक्की सड़क नहीं होने से बारिश के दिनों में मुख्य मार्ग तक आने जाने में परेशानी होती है,जिसपर अपनी नाराजगी जताते हुए ग्रामीणों ने मूलभूत सुविधाएं दिए जाने की मांग की है।
कई बार लगा चुके है गुहार ,नही होती सुनवाई
ग्रामीणों ने बताया की मूलभूत सुविधाओं को लेकर ग्राम पंचायत सरपंच, सचिव, जनपद पंचायत, यहां तक कि विधायक के पास कई बार गुहार लगा चुके है लेकिन हमारी कही कोई सुनवाई नही हो रही है।यहां तक कि विधायक ने गांव आकर व्यवस्था बनाने का आश्वासन भी दिया था, लेकिन वह आश्वासन आज तक पूरा नही हो पाया है।









































